गहलोत अपनी पार्टी की अंदरूनी खींचतान और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए कर रहे है अनावश्यक टिप्पणी: मदन राठौड़

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Gehlot and his party's internal infighting
Gehlot and his party's internal infighting

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गहलोत जी अपनी पार्टी की अंदरूनी खींचतान और विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा पर अनावश्यक टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित और संगठित पार्टी है, जहां प्रत्येक नेता अपनी जिम्मेदारी के साथ विचार रखता है।

गहलोत जी को भाजपा के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए, जहां आज भी नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है। गहलोत जी शायद भूल गए कि उनके कार्यकाल में जो कुर्सी की खींचतान चली, वो जगजाहिर है। गहलोत स्वयं सरकार को बचाने के लिए होटलों में बाडाबड़ी करके बैठे रहे। जहां तक वसुंधरा राजे का सवाल है, वे भाजपा की वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं। पार्टी में उनके योगदान और नेतृत्व को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं है। गहलोत जी द्वारा इस विषय में बयान देना पूरी तरह राजनीतिक अवसरवाद को दर्शाता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा से मजबूत, संतुलित और राष्ट्रीय हितों पर आधारित रही है। आज भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त और निर्णायक नेतृत्व के रूप में स्थापित है, जिसकी सराहना पूरी दुनिया कर रही है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसे अस्थिर और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश का उदाहरण देकर भारत की भूमिका पर प्रश्न उठाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला है। गहलोत जी को इस प्रकार के बयान देने से बचना चाहिए। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राजस्थान में एकजुट होने का दावा करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि वहां गुटबाजी चरम पर है और जनता सब कुछ देख चुकी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस में एकजुटता के दावे पूरी तरह खोखले हैं। अशोक गहलोत, गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और सचिन पायलट के बीच नेतृत्व और वर्चस्व को लेकर अंदरूनी खींचतान लगातार सामने आ रही है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के ये बड़े नेता सार्वजनिक मंचों पर भले ही एकजुटता दिखाने का प्रयास करें, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पार्टी आपसी मतभेदों और गुटबाजी से जूझ रही है, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ा। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार 4 साल तक अपनी कुर्सी बचाती रही, चुनावी वर्ष में घोषणाएं की, वो भी पूरी नहीं कर पाए। ऐसे में स्पष्ट है कि गहलोत अपना घर संभाले, भाजपा एकजुट है और भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता एकजुट है।

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