इंडिया पिंकफेस्ट 2027 : भारतीय संस्कृति, कला एवं शास्त्रीय घरानों की गौरवशाली परंपरा को मिलेगा वैश्विक मंच

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जयपुर। गुलाबी नगरी जयपुर एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और विरासत के रंगों से सराबोर होने जा रही है। भारतीय सांस्कृतिक वैभव के समृद्ध ताने-बाने को विश्व पटल पर नई पहचान देने वाला अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव “इंडिया पिंकफेस्ट 2027” अपने छठे संस्करण के साथ आगामी 19 से 21 फरवरी, 2027 तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी), जयपुर में आयोजित होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बना चुके इस महोत्सव में विश्वभर के कलाकारों, साहित्यकारों, चिंतकों और संस्कृति प्रेमियों का अभूतपूर्व संगम देखने को मिलेगा।

इस वर्ष का आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य, शास्त्रीय संगीत और राग परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित होगा। युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्हें सीखने, प्रस्तुति देने और अपनी प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए विशेष अवसर, पुरस्कार और राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

विश्वप्रसिद्ध सांस्कृतिक नगरी जयपुर में आयोजित होने वाला यह तीन दिवसीय कला महाकुंभ देश-विदेश के प्रख्यात कलाकारों, लेखकों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों, संगीतज्ञों, नाटककारों, शास्त्रीय एवं लोक कलाकारों के साथ-साथ संस्कृति, समसामयिक विषयों और कला के विविध आयामों पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संवाद, विमर्श और विचार-मंथन का भी सशक्त मंच बनेगा। शास्त्रीय संगीत की सुरलहरियां, मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां, लोक संस्कृति की रंगत, नाट्य मंचन, साहित्यिक गोष्ठियां और सांस्कृतिक चर्चाएं इस महोत्सव को अद्वितीय आयाम प्रदान करेंगी।

“इंडिया पिंकफेस्ट द्वारा रघु सिन्हा–माला माथुर ट्रस्ट के सहयोग से “नटराज क्लासिकल अवॉर्ड्स 2027” की शुरुआत

इंडिया पिंकफेस्ट के संयोजक एवं राजस्थान ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. भवानी शंकर शर्मा ने बताया कि भारतीय संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने और नवोदित कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रघु सिन्हा–माला माथुर ट्रस्ट के सहयोग से “नटराज क्लासिकल अवॉर्ड्स 2027” की शुरुआत की गई है। विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए जाने वाले इन पुरस्कारों के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रोत्साहन राशि के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला प्रदर्शित करने का गौरवपूर्ण अवसर मिलेगा। यह पहल भारतीय शास्त्रीय कला के संरक्षण और युवा प्रतिभाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होग।

इस अवसर पर “इंडिया पिंकफेस्ट – नटराज क्लासिकल अवॉर्ड्स 2027” के आधिकारिक पोस्टर का भव्य लोकार्पण किया गया। समारोह में इंडिया पिंकफेस्ट के संस्थापक एवं निदेशक सत्यजीत तालुकदार, रघु सिन्हा–माला माथुर ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं समाजसेवी सुधीर माथुर तथा राजस्थान ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष एवं इंडिया पिंकफेस्ट के संयोजक प्रो. भवानी शंकर शर्मा उपस्थित रहे।

जयपुर की 300वीं वर्षगांठ को समर्पित एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक उत्सव
इंडिया पिंकफेस्ट के संस्थापक एवं निदेशक सत्यजीत तालुकदार ने बताया कि, महोत्सव का आगामी छठा संस्करण जयपुर की 300वीं वर्षगांठ को समर्पित एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक उत्सव होगा। यह आयोजन विश्व समुदाय के समक्ष जयपुर की राजसी विरासत, भव्य स्थापत्य कला, समृद्ध हस्तशिल्प, लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और जीवंत इतिहास को नए आयामों के साथ प्रस्तुत करेगा। महोत्सव के माध्यम से देश-विदेश से आने वाले कलाकार और कला प्रेमी जयपुर की सांस्कृतिक आत्मा का अनुभव करेंगे तथा इसकी विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि इंडिया पिंकफेस्ट केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का उत्सव है। यह ऐसा मंच है जहां कला सीमाओं से परे जाकर संस्कृतियों को जोड़ती है, संवाद नई संभावनाओं को जन्म देते हैं और परंपराएं भविष्य से हाथ मिलाती हैं। यहां भारत अपनी लोक एवं शास्त्रीय कलाओं, साहित्य, संगीत, नृत्य, रंगमंच और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से विश्व को अपनी असाधारण विविधता, रचनात्मकता और सभ्यता की गहराई से परिचित कराता है। यह उत्सव उस भारत का उत्सव है जो अपनी हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करता है, नई पीढ़ी को उससे जोड़ता है और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना के साथ पूरी दुनिया को एक सांस्कृतिक परिवार के रूप में जोड़ने का संदेश देता है।

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