जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कोटा देहात इकाई ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) के सुल्तानपुर (जिला कोटा) में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) पंकज वर्मा और फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) कर्मचारी दानमल को 1000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों पर परिवादी के पिता के नाम दर्ज बिजली कनेक्शन की वीसीआर (विजिलेंस चेक रिपोर्ट) नहीं भरने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि परिवादी ने 20 जुलाई को एसीबी को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता के नाम पर लगे बिजली मीटर की जांच के दौरान जेईएन पंकज वर्मा घर के फोटो लेकर गया था। इसके बाद ठेके पर कार्यरत एफआरटी कर्मचारी दानमल के माध्यम से वीसीआर नहीं भरने के एवज में 7000 रुपए रिश्वत की मांग कर परेशान किया जा रहा था।
शिकायत के सत्यापन के लिए एसीबी ने उप महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत के नेतृत्व में गोपनीय जांच कराई। सत्यापन के दौरान परिवादी द्वारा रिश्वत राशि कम करने का आग्रह करने पर आरोपियों ने आपसी बातचीत के बाद राशि घटाकर 2000 रुपए कर दी। इस दौरान दानमल ने 1000 रुपए पहले ही ले लिए थे और शेष 1000 रुपए बाद में लेने पर सहमति बनी।
बुधवार को एसीबी की ट्रैप कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक शरीफ अहमद एवं टीम ने जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान दानमल ने परिवादी से शेष 1000 रुपए रिश्वत के रूप में प्राप्त किए, जिसके तुरंत बाद टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई। जांच में जेईएन पंकज वर्मा की मिलीभगत सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।



















