जयपुर। अजमेर रोड स्थित भांकरोटा के अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन मंदिर का दो दिवसीय वार्षिक मेला रविवार को कलशाभिषेक, शांतिधारा, विधान पूजन और महामंगल आरती के साथ संपन्न हुआ। दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पार्श्वनाथ भगवान की आराधना कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
सुबह मूलनायक पार्श्वनाथ भगवान का स्वर्ण एवं रजत कलशों से अभिषेक किया गया। इसके बाद आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी के सान्निध्य में वृहद शांतिधारा और विधान पूजन हुआ। श्रद्धालुओं ने जल, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य, दीप, धूप और फल अर्पित कर पूजा-अर्चना की।
धर्मसभा में आर्यिका विष्णुप्रभा माताजी ने कहा कि जिस प्रकार तन की स्वच्छता और मन की निर्मलता जरूरी है, उसी प्रकार धर्म और कर्म में भी शुद्धता आवश्यक है। धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि विचारों की पवित्रता, मधुर वाणी और सरल व्यवहार में निहित है। दूसरों का भला करने वाले कर्म ही सच्चे धर्म की पहचान हैं।
अखिल भारतीय दिगंबर जैन युवा एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि मेले में विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। विधान पूजन के बाद सामूहिक गोठ आयोजित हुई और शाम को महामंगल आरती के साथ मेले का समापन हुआ।

















