जयपुर। डिजिटल लेंडिंग टेक्नोलॉजी की अग्रणी कंपनी लेंट्रा ने हल ही में बैंकों और एनबीएफसी क्षेत्र के उच्च अधिकारियों को एक मंच प्रदान कर एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसके दौरान चर्चा का मुख्य विषय रहा — किस तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली और कैश फ्लो पर लेंडिंग मॉडल देश के एमएसएमई क्षेत्र के लिए ऋण उपलब्धता को तेज़ और आसान बना सके तथा इसके जरिए भारत के अनुमानित ₹100 लाख करोड़ रुपए के ऋण अवसर को कैसे साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषता रही “इंटेलिजेंट एमएसएमई लेंडिंग: संपत्ति से आगे, डेटा से संचालित” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा। इस सत्र का संचालन लेंट्रा के ईवीपी एवं बिज़नेस हेड, रोहित शर्मा की। चर्चा में विशेषज्ञों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अब लेंडिंग क्षेत्र कोलैटरल (गिरवी संपत्ति) पर आधारित पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर डेटा-संचालित अंडरराइटिंग की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है। सभी विशेषज्ञों ने एकमत होकर कहा कि एआई और वैकल्पिक डेटा स्रोत अब तेज़ और अधिक समावेशी ऋण निर्णय लेने में मदद कर रहा है।
राउंडटेबल में बोलते हुए चॉइस फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ एवं डायरेक्टर, विजेंद्र शेखावत ने कहा कि एमएसएमई लेंडिंग को अब कोलैटरल से आगे बढ़कर छोटे व्यवसायों की वास्तविक जरूरतों को समझने की दिशा में काम करना होगा और आने वाले समय की तकनीक इसमें अहम भूमिका निभाएगी। कोगटा फाइनेंशियल के चीफ डिजिटल ऑफिसर चंदन अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल फुटप्रिंट्स ने डेटा को कहीं अधिक सुलभ बना दिया है, और जो लेंडर्स इस डेटा का सबसे तेज़ उपयोग कर पाएंगे, वे आने वाले समय में बाज़ार का नेतृत्व करेंगे।
वंडर होम फाइनेंस के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर बिनोद रॉय ने बताया कि एआई की मदद से डेटा प्रोसेसिंग तेज हुई है, मैनुअल हस्तक्षेप घटा है और एमएसएमई ऋण निर्णय प्रक्रिया के टर्नअराउंड टाइम में उल्लेखनीय सुधार आया है। नामदेव फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड के प्रेसिडेंट एवं टेक्नोलॉजी हेड डोमिनिक विजय कुमार ने कहा कि भले ही अभी सभी एमएसएमई डेटा डिजिटल रूप में उपलब्ध नहीं है, लेकिन विविध डेटा स्रोतों को समझने और उनका उपयोग करने की क्षमता ही भविष्य की अंडरराइटिंग प्रक्रिया तय करेगी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लगातार परिपक्वता की ओर आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का समापन लेंट्रा के एआई – आधारित कैश फ्लो लेंडिंग प्लेटफॉर्म के लाइव प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें दिखाया गया कि किस तरह लेंडर्स इंटेलिजेंट क्रेडिट डिसीजनिंग प्लेटफॉर्म के जरिए एमएसएमई ऋण आवेदनों को तेज़ी से प्रोसेस कर सकते हैं। विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि एमएसएमई क्षेत्र तक ऋण की पहुंच बढ़ाना भारत की अगली आर्थिक विकास यात्रा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।



















