जयपुर। राजस्थान पुलिस का ध्येय वाक्य ‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय’ को जयपुर की कानोता थाना पुलिस ने व्यवहार में उतारकर एक अनूठी मिसाल पेश की है। थाने की मेस में कार्यरत कर्मचारी रामकेश पटेल की दो बेटियों की शादी में पुलिसकर्मी मामा-नाना बनकर पहुंचे और ‘मायरा’ भरकर परिवार की खुशियों में सहभागी बने।
दौसा जिले के गढ़ोरा निवासी रामकेश पटेल पिछले 11 वर्षों से कानोता थाने की मेस में खाना बनाने का कार्य कर रहे हैं। अपनी मेहनत और व्यवहार से वे थाने के हर जवान के परिवार का हिस्सा बन चुके हैं। बेटियों की शादी के समय आर्थिक तंगी सामने आने पर पुलिस टीम उनके साथ खड़ी हो गई।
थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से राशि जुटाई और रामकेश के गांव गढ़ोरा पहुंचे। राजस्थानी परंपरा के अनुसार ‘मायरा’ (भात) की रस्म निभाते हुए पुलिसकर्मियों ने ढोल-नगाड़ों और मंगल गीतों के बीच भात भरा।
पुलिस टीम ने 2 लाख 21 हजार रुपए नकद, बेटियों के लिए सोने-चांदी के जेवर, नए कपड़े और शादी का अन्य आवश्यक सामान भेंट किया। वर्दी में सजे जवानों को इस रूप में देखकर रामकेश और उनका परिवार भावुक हो उठा।
थानाधिकारी मुनीन्द्र सिंह ने कहा कि पद और वर्दी से ऊपर इंसानियत का धर्म होता है। रामकेश हमारे परिवार के सदस्य हैं और उनकी बेटियों की शादी में सहयोग करना हमारा कर्तव्य था।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे खाकी की संवेदनशील छवि मजबूत होती है और आमजन का भरोसा बढ़ता है। यह उदाहरण दर्शाता है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर सुख-दुख में सहभागी है।

















