एसएमएस अस्पताल में जटिल सर्जरी कर 75 साल की महिला की गर्दन से निकाली 2 किलो की विशाल गांठ

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SMS Hospital becomes a new center for bone marrow transplants.
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जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल के चिकित्सकों ने 75 वर्षीय महिला की गर्दन से करीब 2 किलो व 25×25 सेंटीमीटर आकार की विशाल गांठ निकालकर जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत स्थिर रही और चौथे दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जनरल सर्जरी विभाग की सीनियर प्रोफेसर डॉ. ऋचा जैन के नेतृत्व में डॉ. मोहित, डॉ. हनुमान राम खोजा, डॉ. फारुख, डॉ. दिनेश और डॉ. अक्षिता की टीम ने यह ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. सुनील भाटी, डॉ. कंचन और डॉ. इंदु सहित अन्य चिकित्सकों का सहयोग रहा।

चिकित्सकों के अनुसार महिला की गर्दन में लंबे समय से गांठ थी, जो धीरे-धीरे बढ़ती गई। इसका आकार इतना बढ़ गया कि गर्दन और कंधा घुमाने में परेशानी होने लगी और दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगीं। ऑपरेशन के डर से महिला ने लंबे समय तक उपचार नहीं कराया। बाद में विभिन्न अस्पतालों में परामर्श के बाद उसे गांठ के बड़े आकार और ऑपरेशन के जोखिम को देखते हुए एसएमएस अस्पताल भेजा गया।

अस्पताल में जांच के दौरान पहले गांठ की बायोप्सी कराई गई। आवश्यक जांचों के बाद ऑपरेशन किया गया। चिकित्सकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गांठ का अत्यधिक बड़ा आकार और गर्दन का संवेदनशील क्षेत्र था। इस हिस्से से मस्तिष्क की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण नसें और रक्त वाहिकाएं गुजरती हैं।

ऐसे में अधिक रक्तस्राव तथा नसों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान का जोखिम था। इसके बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक पूरी गांठ निकाल दी। डॉ. मोहित ने लोगों को सलाह दी कि शरीर में लंबे समय से मौजूद किसी भी गांठ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय जांच और जरूरत होने पर बायोप्सी कराने से गंभीर जटिलताओं का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

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