नीरज शर्मा हत्याकांड का मास्टरमाइंड और पांच हजार का इनामी भतीजा गिरफ्तार

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Mastermind behind Neeraj Sharma murder case arrested
Mastermind behind Neeraj Sharma murder case arrested

जयपुर। प्रताप नगर थाना पुलिस ने चर्चित नीरज शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे मास्टरमाइंड और पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी रवि प्रकाश उर्फ बलराम (28) को शुक्रवार को सांगानेर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी चाचा की संपत्ति हड़पने की नीयत से पिछले तीन माह से मृतका की बेटी आयुषी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच रहा था। वह जेल में बंद अपने पिता और अन्य आरोपियों की जमानत कराने के लिए वकीलों से मिलने जयपुर आया था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) रंजिता शर्मा ने बताया कि रवि प्रकाश उर्फ बलराम निवासी सेवर (भरतपुर), हाल सीताबाड़ी सांगानेर, घटना के बाद से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था। शुक्रवार दोपहर प्रताप नगर थाने के हेड कांस्टेबल दयाराम को आरोपी के सांगानेर आने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने सीताबाड़ी क्षेत्र में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि 3 जुलाई को प्रताप नगर क्षेत्र में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो से टक्कर लगने से नीरज शर्मा की मौत हुई थी। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना माना गया, लेकिन 4 जुलाई को जांच में खुलासा हुआ कि यह सुनियोजित हत्या थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया था। इसके बाद आरोपी रवि जयपुर छोड़कर फरार हो गया था।

अब तक पुलिस इस मामले में मृतका की बेटी आयुषी, जेठ मोहन स्वरूप तथा कथित सुपारी किलर हेमंत शर्मा, आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव को गिरफ्तार कर चुकी है। रवि प्रकाश ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार फरारी के दौरान रवि प्रकाश जोधपुर में छिपा रहा। वह पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल बंद रखता था, दोस्तों के मोबाइल और बाइक का उपयोग करता था तथा लंबी दूरी के सफर के लिए ट्रेनों से यात्रा करता था। रिश्तेदारों से भी वह दोस्तों के मोबाइल के जरिए संपर्क कर रुपए मांगता था और मामले की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए था।

जांच में यह भी सामने आया कि रवि जेल में बंद अपने पिता और अन्य आरोपियों को जमानत पर छुड़ाने के प्रयास में जुटा था। इसी उद्देश्य से वह जोधपुर के बिलाड़ा से ट्रेन से जयपुर पहुंचा और वकीलों से संपर्क करने लगा। इसी दौरान पुलिस ने सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि चाचा की संपत्ति हड़पने के उद्देश्य से उसने मृतका की बेटी आयुषी के साथ मिलकर करीब तीन माह पहले हत्या की योजना बनाई थी। पहली कोशिश नाकाम होने के बाद योजना में बदलाव किया गया और नीरज शर्मा की हत्या को सड़क हादसा दिखाकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

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