जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जयपुर जोनल कार्यालय ने 2676 करोड़ रुपए के नेक्सा एवरग्रीन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कंपनी के संचालक सुभाष चंद्र बिजारनिया को गिरफ्तार किया है। आरोपी को मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया।
ईडी के अनुसार नेक्सा एवरग्रीन ग्रुप के संचालक रणवीर बिजारनिया, सुभाष चंद्र बिजारनिया और उनके सहयोगियों ने निवेशकों से करीब 2676 करोड़ रुपए जुटाए। निवेशकों को गुजरात के धोलेरा स्मार्ट सिटी में जमीन विकास और प्लॉटिंग प्रोजेक्ट में पैसा लगाने का झांसा देकर 60 सप्ताह तक हर सप्ताह 3 फीसदी निश्चित रिटर्न अथवा प्लॉट देने का लालच दिया गया। नए निवेशक जोड़ने पर कमीशन के साथ लैपटॉप, कार और बाइक जैसे इनाम देने की पेशकश भी की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित तौर पर निवेशकों की रकम को इधर-उधर करने और वास्तविक स्रोत व स्वामित्व छिपाने के लिए कई कंपनियां, एलएलपी, पार्टनरशिप और प्रोपराइटरशिप फर्म बनाई थीं। इनके बैंक खातों का इस्तेमाल निवेशकों से रकम लेने, आपसी ट्रांसफर, रिटर्न देने, पोंजी स्कीम के भुगतान और संपत्तियां खरीदने में किया गया।
ईडी के मुताबिक सुभाष चंद्र बिजारनिया इस कथित फर्जीवाड़े के प्रमुख सूत्रधारों में शामिल था और रणवीर बिजारनिया के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करता था। सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म, निवेशक प्रबंधन, बैंकिंग संचालन, नई संस्थाओं के गठन और रकम डायवर्ट करने का काम भी आरोपियों के निर्देश पर किया जाता था।
ईडी ने मामले में जून 2025 में जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और अहमदाबाद में 25 ठिकानों पर पीएमएलए के तहत छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान 2.04 करोड़ रुपए नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे। इसके अलावा नेक्सा ग्रुप की विभिन्न कंपनियों और सहयोगियों से जुड़े बैंक एवं क्रिप्टो खातों में जमा करीब 15 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज की गई थी। मामले में ईडी की जांच जारी है।



















