विदेशी नौकरी के नाम पर बंधक बनाकर कराई जा रही ऑनलाइन ठगी

0
23

जयपुर। विदेश में आकर्षक नौकरी और मोटी तनख्वाह का सपना देखने वाले युवाओं को अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह अब साइबर स्लेवरी (डिजिटल गुलामी) के जाल में फंसा रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने एडवाइजरी जारी कर युवाओं और उनके परिजनों को फर्जी विदेशी जॉब ऑफर से सावधान रहने की अपील की है।

एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्कैम सिंडिकेट बेरोजगार युवाओं को कंबोडिया, म्यांमार, लाओस और थाईलैंड जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में आकर्षक वेतन, मुफ्त आवास और अन्य सुविधाओं का लालच देकर ले जाते हैं। वहां पहुंचने के बाद पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज छीनकर उन्हें बंधक बनाया जा सकता है और जबरन ऑनलाइन ठगी कराई जाती है।

गिरोह फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और वाट्सऐप पर डेटा एंट्री, कस्टमर सपोर्ट, आईटी, होटल वेटर और वर्क फ्रॉम होम जैसी नौकरियों के विज्ञापन देते हैं। कई बार ऐसे विज्ञापन समाचार पत्रों में भी प्रकाशित किए जाते हैं। बिना पर्याप्त जांच के युवाओं को नौकरी का भरोसा दिलाकर वैध एम्प्लॉयमेंट वीजा के बजाय टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेज दिया जाता है। वहां पहुंचते ही पासपोर्ट और मोबाइल फोन कब्जे में लेकर ठगी के काम में लगाया जा सकता है।

पीड़ितों से मेट्रोमोनियल, इन्वेस्टमेंट, डिजिटल अरेस्ट, क्रिप्टो और सोशल मीडिया फ्रॉड कराया जा सकता है। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर धमकी और प्रताड़ना के साथ भारत में उनके परिजनों से फिरौती मांगने की आशंका भी रहती है।

पुलिस ने युवाओं से रिक्रूटमेंट एजेंसी की वैधता जांचने और केवल वैध एम्प्लॉयमेंट वीजा पर ही विदेश जाने की अपील की है। पासपोर्ट, वीजा और कॉन्ट्रैक्ट लेटर की डिजिटल कॉपी परिवार के पास रखें तथा संबंधित देश में भारतीय दूतावास का संपर्क नंबर अपने पास रखें। गैर-पंजीकृत एजेंट को एडवांस रकम देने, बिना इंटरव्यू अत्यधिक वेतन के ऑफर पर भरोसा करने और मूल पासपोर्ट किसी अनजान व्यक्ति को सौंपने से बचें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here