जयपुर। राजस्थान पुलिस की ओर से 20 जुलाई से प्रदेशभर में चलाए जा रहे एक माह के विशेष अभियान में अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर नजर आ रहा है। अभियान के पहले 20 दिनों में पुलिस ने हार्डकोर अपराधियों, नशा तस्करों, साइबर अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। साथ ही नाकाबंदी और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी सख्ती की गई।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में प्रदेश के सभी पुलिस रेंज और आयुक्तालयों में एक साथ चल रहे अभियान का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना बढ़ाना है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान प्रदेशभर में 2067 हार्डकोर अपराधियों की पहचान की गई और उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में 2085 कार्रवाई की गई। पुलिस ने इनमें से 1624 हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार किया। कई स्थानों पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई। पुलिस के अनुसार संगठित अपराध के खिलाफ यह कार्रवाई प्रभावी साबित हो रही है और अभियान लगातार जारी रहेगा।
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अभियान के दौरान 848 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए और 1158 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में वाणिज्यिक मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले और बड़े तस्करों पर विशेष फोकस किया गया। विभिन्न रेंज में मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई की गई।
इसी तरह अवैध हथियारों के खिलाफ 319 प्रकरण दर्ज किए गए और 396 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में अब तक 624 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़ी 8 करोड़ 24 लाख 15 हजार 336 रुपए की राशि होल्ड कराई। इनमें से 2 करोड़ 91 लाख 63 हजार 333 रुपए पीड़ितों को वापस दिलाए गए। साइबर हॉटस्पॉट की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और अपराध नेटवर्क पर कार्रवाई अभियान का हिस्सा बनी हुई है। अवैध खनन के खिलाफ भी पुलिस ने 650 प्रकरणों में कार्रवाई कर गिरफ्तारियां की हैं।
अभियान के दौरान प्रदेशभर में व्यापक नाकाबंदी की गई। पुलिस ने 9663 स्थानों पर कार्रवाई करते हुए 7 लाख 4 हजार 594 वाहनों की जांच की। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत 2 लाख 32 हजार 58 कार्रवाई की गई।
इनमें शराब पीकर वाहन चलाने वाले 16,874, बिना हेलमेट 1 लाख 74 हजार 904, बिना सीट बेल्ट 13,832, काली फिल्म लगाने वाले 12,241 और ओवरलोडिंग के मामले में 19,213 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। तेज गति से वाहन चलाने के मामले में 1 लाख 13 हजार 651 के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसके अलावा अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े 2 लाख 59 हजार 806 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। बीएनएस की धारा 170 के तहत भी 10,226 के खिलाफ कार्रवाई की गई।
महिला सुरक्षा को अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। इस दौरान 2835 मामलों में प्रभावी कार्रवाई की गई और 7545 स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाए गए।
पुलिस और आमजन के बीच संवाद तथा विश्वास मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में 1060 कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी) बैठकें आयोजित की गईं। इनमें स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों के साथ कानून-व्यवस्था तथा सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
रेंजवार कार्रवाई में अजमेर रेंज ने हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ 841 कार्रवाई करते हुए 609 को गिरफ्तार किया। उदयपुर रेंज में 316, जयपुर आयुक्तालय में 206 और भरतपुर रेंज में 205 हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
एनडीपीएस मामलों में बीकानेर रेंज ने 206 प्रकरण दर्ज कर 273 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। अवैध हथियारों के खिलाफ भरतपुर रेंज ने 95 कार्रवाई की। महिला सुरक्षा के मामलों में बीकानेर रेंज ने 703 प्रकरण दर्ज किए। साइबर अपराध के खिलाफ जयपुर रेंज ने 139 प्रकरण दर्ज कर 158 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं बीएनएस की धारा 170 के तहत कार्रवाई में बीकानेर रेंज ने 2464 कार्रवाई की।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि राजस्थान पुलिस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा संगठित अपराध, नशा तस्करी, साइबर अपराध और महिला अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार की अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर प्रभावी ढंग से अमल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय पैदा करना और आमजन में सुरक्षा एवं पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना है।



















