जयपुर। प्रदेश में अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने शुक्रवार को नागौर, टोंक, कोटपूतली-बहरोड़ और दौसा में राजस्थान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। जहां पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी, संगठित साइबर ठगी, जाली नोटों की सप्लाई और ब्लाइंड मर्डर के मामलों में सफलता हासिल करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
नागौर में हथियार सप्लायर समेत चार गिरफ्तार
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि नागौर में निकाय चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान में खाटूबड़ी थाना पुलिस और डीएसटी ने संयुक्त कार्रवाई कर हथियार सप्लायर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 6 अवैध पिस्टल मय मैगजीन और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने डीएसटी की सूचना पर हथियार सप्लायर ओमप्रकाश देहड़ू (38) को पकड़ा। पूछताछ के बाद हथियार खरीदने वाले सुरेश राहड़ (32), श्रवणराम (36) और ओमप्रकाश (34) निवासी खाटूबड़ी को गिरफ्तार किया गया। मामले में आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जारी है।
टोंक में दो करोड़ की साइबर ठगी का नेटवर्क ध्वस्त
टोंक में डीएसटी और दत्तवास थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर 11 अंतरराज्यीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरोह फर्जी सिम, बैंक खातों और सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए ठगी करता था। प्रारंभिक जांच में करीब 2 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का पता चला है।
जांच में साइबर अपराध के लिए 399 सिम कार्ड के इस्तेमाल और एनसीआरपी पोर्टल पर आरोपियों के खिलाफ 81 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने 37,210 रुपए की ठगी की राशि, दो बोलेरो, एक स्विफ्ट कार, 12 मोबाइल, आईफोन-17 प्रो, सैमसंग अल्ट्रा सहित अन्य एंड्रॉयड फोन, लैपटॉप और चार एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कोटपूतली में जाली नोटों का सरगना हरियाणा से गिरफ्तार
कोटपूतली पुलिस ने जाली नोट सप्लाई करने वाली गैंग के मुख्य सरगना संजीव अहलावत को झज्जर, हरियाणा से गिरफ्तार किया। मामले में 23 अगस्त को कोटपूतली से 500-500 रुपए के कुल 67,500 रुपए के जाली नोट बरामद हुए थे।
पुलिस ने पहले निशीकान्त गुप्ता और राहुल सैनी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 24 अगस्त को जाली नोट सप्लायर चिराग भारद्वाज को पकड़ा गया। अनुसंधान और आसूचना के आधार पर मुख्य सरगना संजीव अहलावत को गिरफ्तार किया गया। उससे जाली नोट बनाने वालों और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
दौसा में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा
दौसा के मण्डावर थाना क्षेत्र में 15 अगस्त को खेडली कला के जंगल में मिले राहुल उर्फ भानू मीना के शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया। मामले में 15 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने सुरेश उर्फ सुर्रा मीना (56) और शेरसिंह उर्फ शेरू मीना (19), निवासी खोखर, थाना खेड़ली, जिला अलवर को गिरफ्तार किया है। सुरेश उर्फ सुर्रा थाना खेड़ली का हिस्ट्रीशीटर बताया गया है।
अज्ञात आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने करीब 800 किलोमीटर का सफर तय किया और तकनीकी संसाधनों व साइबर विश्लेषण की मदद ली। जांच में सामने आया कि हत्या के बाद पुलिस को गुमराह करने और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को मुख्य घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बाजरे के खेत में डाल दिया गया था। शव को इस तरह रखा गया कि हत्या का शक मृतक से पूर्व में विवाद करने वाले व्यक्ति और उसके परिवार पर जाए। मामले में एक महिला के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब चारों मामलों में नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, वारदात के कारणों और अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।



















