राजलक्ष्मी बैंक लोन घोटाला मामला:8 साल से फरार 10-10 हजार के इनामी दंपती गिरफ्तार

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जयपुर। राजधानी में चर्चित दी राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड लोन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए माणकचौक थाना पुलिस ने आठ साल से फरार चल रहे 10-10 हजार रुपये के इनामी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये के बैंक ऋण स्वीकृत कराकर हेराफेरी करने का आरोप है।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रमोद शर्मा (65) और उनकी पत्नी सिंधु शर्मा (50) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से जयपुर ग्रामीण के फुलेरा स्थित गार्ड कॉलोनी के निवासी हैं और वर्तमान में झोटवाड़ा की स्वर्ण कॉलोनी में किराये के मकान में रह रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने पहले से 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।

पुलिस के अनुसार माणकचौक थाने में 28 सितंबर 2018 को बैंक के अधिकृत ऋण प्रभारी सादत अली की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि बैंक की तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. फिरोजा बानो, पदाधिकारियों, कर्मचारियों, वैल्युअर्स, अधिवक्ताओं, ऋणियों और गारंटरों सहित कुल 59 नामजद आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर फर्जी सोसायटियों के पट्टे और विवादित एवं कूटरचित संपत्ति दस्तावेज बैंक में गिरवी रखे।

इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियमों के विपरीत 13 ऋण खाते स्वीकृत कराए गए और करोड़ों रुपये की ऋण राशि का गबन कर बैंक को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। सहकारिता विभाग के उप रजिस्ट्रार की जांच में पूरे घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज किया था। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं और फरार आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल मालीराम, राजेश्वरी, कांस्टेबल श्यामलाल, गिरधर सिंह, विक्रम सिंह, अजय और मंजीत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस के अनुसार कांस्टेबल गिरधर सिंह ने आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी में विशेष योगदान दिया।

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