बिड़ला सभागार में 26 सितंबर को जुटेंगे संत और विहिप पदाधिकारी

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Saints and VHP office-bearers to gather at Birla Auditorium on September 26.
Saints and VHP office-bearers to gather at Birla Auditorium on September 26.

जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की ओर से हिंदुत्व के पुरोधा अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के तहत देशभर में सालभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जयपुर में 26 सितंबर को स्टेच्यू सर्किल स्थित बिड़ला सभागार में कार्यक्रम होगा। इसमें निम्बार्काचार्य पीठाधीश्वर श्याम शरण देवाचार्य ‘श्रीजी’ महाराज शामिल होंगे, जबकि विहिप के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन मुख्य उद्बोधन देंगे।

विहिप के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने जयपुर प्रवास के दौरान पत्रकार वार्ता में जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की जानकारी दी। विहिप की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को हुआ था और 27 सितंबर 2026 को उनकी जन्मशताब्दी पूर्ण होगी। संगठन ने उनके जीवन, कार्य और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण करने के लिए विशेष लोगो भी जारी किया है।

देशभर में सालभर होंगे आयोजन

परांडे ने बताया कि अशोक सिंघल की स्मृति में देशभर में वर्षभर कार्यक्रम किए जाएंगे। उनके अनुसार सिंघल के जीवनकाल में विहिप ने गोरक्षा, सामाजिक समरसता और राम जन्मभूमि आंदोलन जैसे विषयों को गति देने का काम किया। जन्म शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत 27 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम से होगी, जबकि राजस्थान में कोटा में 2 अक्टूबर को कार्यक्रम प्रस्तावित है।

एक करोड़ हिंदुओं को जोड़ने का लक्ष्य

परांडे ने बताया कि विहिप की ओर से 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत देशभर के 2 लाख गांवों तक संगठन का विस्तार करने और कम से कम 1 करोड़ हिंदुओं को सीधे विहिप से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि देश के आधे से अधिक जिलों में विहिप के करीब 7 हजार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े सेवा कार्य चल रहे हैं। अगले दो वर्षों में इन सेवा कार्यों को देश के प्रत्येक जिले तक पहुंचाने की योजना है।

धर्मांतरण और मंदिरों के सरकारी नियंत्रण का मुद्दा

प्रेस वार्ता में धर्मांतरण, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने, लव जिहाद और हिंदू जनसंख्या के असंतुलन जैसे मुद्दों पर भी विहिप का पक्ष सामने रखा गया। परांडे ने कहा कि देश के 10 से अधिक राज्यों में धर्म स्वातंत्र्य संबंधी कानून पारित हो चुके हैं और इन्हें केंद्र तथा अन्य राज्यों में लागू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

जनगणना में धर्म दर्ज कराने की अपील

आगामी जनगणना के संदर्भ में भी परांडे ने हिंदुओं से अपना धर्म ‘हिंदू’ दर्ज कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हिंदू विरोधी और धर्मांतरणकारी ताकतों के कुप्रचार से सावधान रहने की जरूरत है।

विहिप की आधिकारिक जानकारी के अनुसार जन्म शताब्दी वर्ष को संगठन ने अशोक सिंघल के विचारों, संकल्पों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ सेवा, संगठन, संस्कार और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े कार्यक्रमों के अवसर के रूप में रखा है।

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