जयपुर/ दौसा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कौशल विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाकर युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाने की नई सोच विकसित की। स्किल इंडिया अभियान ने युवाओं को अपने हुनर और क्षमता के बल पर आगे बढ़ने का अवसर दिया। इसी सोच का परिणाम है कि देश में स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के पार पहुंच गई है। यह युवा शक्ति, नवाचार और उद्यमिता के नए भारत की पहचान है।
यह बात अर्थायाम फाउंडेशन के संयोजक एवं सामाजिक कार्यकर्ता शिव शंकर शर्मा ने दौसा में एसडी स्किल एकेडमी के उद्घाटन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विकसित भारत के लिए विकसित राजस्थान और विकसित राजस्थान के लिए कौशल से संपन्न युवा का दृष्टिकोण प्रदेश के भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
शर्मा ने कहा कि आज केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल, कार्यक्षमता और समय के साथ आगे बढ़ने की गति सफलता का आधार है। युवाओं को उद्योगों की जरूरत, तकनीक और रोजगार बाजार के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण देना होगा, ताकि वे नौकरी पाने के साथ रोजगार सृजन करने वाले भी बनें। एसडी स्किल एकेडमी जैसी पहल युवाओं के सपनों को अवसरों में बदलने का माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि कौशल और गति के समन्वय से राजस्थान का युवा आत्मनिर्भर बनेगा और विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर राजस्थान सरकार के राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) के माध्यम से युवाओं के हुनर को निखारने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई। संस्था के स्किल हेड विकास कुमार शर्मा ने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
प्लेसमेंट हेड दिनेश कुमार ने प्रशिक्षण के साथ रोजगार उपलब्ध कराने और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ युवाओं को रोजगार के रूप में मिले।
कार्यक्रम में लोटस फाउंडेशन के प्रतिनिधि कुलदीप शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में केंद्र प्रमुख मुनेश सैनी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच युवाओं ने कौशल प्राप्त कर आगे बढ़ने का संकल्प लिया संचालन स्वाति ने किया।

















