जयपुर। प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) की जयपुर शहर इकाई ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सर्किल पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिला सुरक्षा को लेकर जयपुर जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के जिला अध्यक्ष अमित दाधीच और जिला संगठन महामंत्री संगीता गौड़ ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा महिला अपराधों के मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष अमित दाधीच ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के खिलाफ लगातार बढ़ रही घटनाओं से आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 20 दिन पहले मुख्यमंत्री के वीआईपी मूवमेंट के दौरान आजीविका के लिए मोमोज का ठेला लगाने वाली युवती रेशु गुप्ता धक्का-मुक्की के दौरान कथित रूप से एक पुलिसकर्मी द्वारा उबलता पानी गिरने से करीब 20 प्रतिशत तक झुलस गई, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिला है।
आप नेताओं ने श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना का भी उल्लेख करते हुए इसे बेहद गंभीर बताया। उन्होंने पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाने और सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ लगातार हो रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि अपराधियों में कानून का भय कम होता जा रहा है।
जिला संगठन महामंत्री संगीता गौड़ ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि प्रभावी कानून-व्यवस्था, त्वरित पुलिस कार्रवाई और दोषियों को सख्त सजा दिलाने से सुनिश्चित होगी। उन्होंने राज्य सरकार से महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रही है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “बेटी की सुरक्षा ही प्रदेश की सुरक्षा है” और “महिला सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए” जैसे नारों के साथ अपनी मांगें उठाईं।



















