जयपुर। भगवान श्री नृसिंह देव मंदिर पुरानी बस्ती, बगरू वालों का रास्ता में पाटोत्सव के अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को गोपीनाथ जी मंदिर से निकली विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। इस मौके पर मांगलिक वस्त्र धारण कर बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर गीत गाते हुए शामिल हुई। कलश यात्रा का पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
इस मौके पर नृसिंह देव भगवान, बंसी वाले और राधा गोविंद के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। कलश शोभायात्रा के कथा स्थल नृसिंह मंदिर पहुंचने पर संत-महंतों के सानिध्य में भगवान नृसिंह देव के साथ ही व्यासपीठ और शुकदेव जी की पूजा की गई और कलश स्थापित किए गए। इस अवसर पर व्यास पीठ से नृसिंह मंदिर के महंत, पीठाधीश्वर अवधेश दास महाराज ने उपस्थित भक्तों को श्री मद् भागवत जी का महात्म्य सुनाया।
इस मौके पर भक्तों ने भी व्यास पीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर के पीठाधीश्वर, महंत और भागवत कथा मर्मज्ञ अवधेश दास महाराज बंसी वाले ने बताया कि यह आयोजन अनंत विभूषित भागवताचार्य, साकेत वासी, रामदुलारे दासजी महाराज की प्रेरणा से आयोजित किया जा रहा है।

इस मौके पर सात दिवसीय भागवत कथा महोत्सव में रोजाना भक्तों के समक्ष दोपहर 2:00 बजे से सायं 6:30 तक प्रवचन, भजन, आरती सहित अन्य आयोजन होंगे। भगवान नृसिंह देव सहित अन्य सभी देवों की रोजाना विशेष झांकियां सजाई जाएगी। कथा आयोजन के मनोरथी रामेश्वर प्रसाद खंडेलवाल लवाण वाले, एकता, राधा गोविंद एवं वैष्णव भक्तों की और से भागवत कथा महोत्सव में रोजाना सेवा कार्य के साथ ही भक्तों का मार्गदर्शन किया जा रहा है।
आयोजन से जुड़े पुष्कर दास महाराज ने बताया कि श्री मद् भागवत कथा और नृसिंह देव भगवान के महोत्सव के लिए मंदिर परिसर को विशेष रूप से बांदरवाल, रंगीन लाइट, फूल पत्तों और अन्य सजावट कर सजाया गया है। वहीं 30 अप्रैल को सुबह 8 बजे से मंदिर परिसर में भगवान के भजनों के साथ ही विशेष बधाईगान का आयोजन होगा। इसमें अनेक भजन गायक व स्थानीय भक्त अपनी मनभावक प्रस्तुतियों से भगवान को रिझाएंगे।
भागवत कथा मर्मज्ञ अवधेश दास महाराज ने बताया कि यह महोत्सव नृसिंह देव भगवान के दरबार में मंदिर की स्थापना के समय से ही आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थित रही। इस आयोजन में जयपुर सहित प्रदेश भर से संत-महंत एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रहेगी। आयोजन में रोजाना भक्तों को भागवत जी के प्रसंगों पर विशेष संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ कथा का मर्म समझाया जाएगा।
कथा महोत्सव के विश्राम पर 30 अप्रेल को हवन पूजन के साथ ही 1156 प्रकार के विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। इसके साथ ही सुबह 10:00 बजे से मंदिर परिसर में भक्तों के लिए भंडारा प्रसादी का आयोजन होगा। आयोजन के तहत मंदिर परिसर स्थित गौशाला में भक्त नियमित रूप से गौ सेवा के साथ ही गौ पूजन भी करेंगे।
भागवत कथा के विश्राम पर सायं बड़ी संख्या में भक्तों ने भागवत जी की आरती की। इस मौके पर सभी भक्तों को प्रसादी वितरण किया गया। आयोजन स्थल पर भक्तों को बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।




















