जयपुर। दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व के दूसरे दिन बुधवार को राजधानी के जिनालयों में उत्तम क्षमा धर्म श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। तिथि वृद्धि के कारण इस बार यह पर्व 11 दिनों तक चलेगा।
मंदिरों में सुबह श्रीजी के अभिषेक, शांतिधारा और दशलक्षण विधान मंडल पर अष्ट द्रव्यों से विशेष पूजा-अर्चना हुई। चातुर्मास स्थलों पर संतों ने उत्तम क्षमा के महत्व पर प्रवचन दिए। राजस्थान जैन युवा महासभा के प्रदेश महामंत्री विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि क्रोध का त्याग ही क्षमा है और क्षमा धारण करने से जीवन में यश तथा सुख की प्राप्ति होती है।
महावीर मंदिर में विश्व शांति की कामना:
गोपालजी का रास्ता स्थित ऐतिहासिक श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में ‘जिनेंद्र देव अभिषेक ग्रुप’ के तत्वावधान में श्रीजी का महाअभिषेक एवं पूजन हुआ। विश्व शांति, समृद्धि और प्रदेश की खुशहाली की मंगलकामना की गई।
मंत्रोच्चार के बीच श्रीजी की शांतिधारा का पुण्य लाभ सुनील जैन (लोहेवाला) ने प्राप्त किया। ग्रुप के संस्थापक दिनेश जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के दसों दिन जयपुर के अलग-अलग जिनालयों में सामूहिक अभिषेक और पूजन की परंपरा जारी है। उन्होंने कहा कि पर्व आत्मचिंतन, शांति, अहिंसा और परस्पर सद्भाव की प्रेरणा देता है।
एसएफएस मंदिर में ध्वजारोहण से शुभारंभ
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर, एसएफएस राजावत फार्म, मानसरोवर में बुधवार को शांतिधारा और ध्वजारोहण के साथ दशलक्षण महापर्व का शुभारंभ हुआ। मुख्य वेदी पर भगवान आदिनाथ के प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का पुण्य लाभ राजेश, इंदु, मोहित और पलाश जैन ने लिया। पांडुक शिला पर भगवान शांतिनाथ की शांतिधारा कासलीवाल परिवार ने की। इसके बाद धर्म ध्वजा फहराई गई, दीप प्रज्ज्वलन और कलश स्थापना हुई। सुबह साढ़े 8 बजे विधान मंडल पर उत्तम क्षमा धर्म की पूजा शुरू हुई। सौधर्म इंद्र बने नरेंद्र, कुसुम, अंकुर, नेहा और प्रत्यूष चांदवाड़ ने मंगल कलश स्थापित किए।
मंदिर समिति अध्यक्ष कमलेश चंद जैन, महामंत्री सौभागमल जैन, मंत्री सुरेंद्र पाटनी सहित पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। शाम को श्री श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर की दिव्यांशी दीदी और प्रियंका दीदी ने प्रवचन दिए। इसके बाद महिला मंडल की ओर से जैन धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता हुई, जिसमें महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया।
अन्य जिनालयों में भी आयोजन
चूलगिरी अतिशय क्षेत्र में भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक, शांतिधारा और पूजा हुई। मीरा मार्ग आदिनाथ मंदिर में मुनि विलोक सागर और मुनि विबोध सागर के सान्निध्य में संगीतमय दशलक्षण विधान, तत्वार्थ सूत्र और द्रव्य संग्रह का पाठ हुआ। चित्रकूट कॉलोनी सांगानेर में आचार्य विशद सागर महाराज ससंघ के सान्निध्य में विधान पूजा और धर्मसभा हुई। बड़ा दीवानजी मंदिर, मनिहारों का रास्ता में महिला जागृति संघ ने 48 दीपकों से भक्तामर स्तोत्र दीप महाअर्चना की। दुर्गापुरा और सूर्य नगर में विधान पूजा, पटेल नगर झोटवाड़ा में बच्चों की भक्ति संध्या तथा कीर्ति नगर में ‘भक्ति के रंग तंबोला के संग’ कार्यक्रम हुआ।
गुरुवार को उत्तम मार्दव और सुपार्श्वनाथ गर्भ कल्याणक
विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि गुरुवार को दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म मनाया जाएगा। इसी दिन जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का गर्भ कल्याणक महोत्सव भी मनाया जाएगा और मंदिरों में विशेष अर्घ्य समर्पित किए जाएंगे।


















