जयपुर। भगवान शिव की आराधना के पावन पर्व श्रावण मास का शुभारंभ गुरुवार से होगा। इसे लेकर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों में रंग-रोगन के साथ भगवान शिव के अभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और भक्तों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। बुधवार को गुरु पूर्णिमा से ही शिवालयों में अभिषेक के विशेष अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे।
पंडित राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस वर्ष सावन और भाद्रपद दोनों माह अत्यंत शुभ फलदायी रहेंगे। श्रावण मास की शुरुआत कर्क राशि में होने से ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि में वृद्धि के योग बन रहे हैं। इस बार श्रावण नक्षत्र का विशेष संयोग है और श्रावण मास 31 दिनों का रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि सावन में एक दिन भी भगवान शिव की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से पूरे वर्ष भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव, भाद्रपद भगवान गणपति, कार्तिक माह भगवान कार्तिकेय और अश्विन माह माता लक्ष्मी की आराधना के लिए समर्पित है। ये चारों महीने शिव परिवार की उपासना के माने जाते हैं। इन महीनों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं के घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है, दरिद्रता दूर होती है और अकाल मृत्यु का भय भी समाप्त होता है।
श्रावण मास के दौरान शहर के विभिन्न शिवालयों में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और भव्य पूजन-अर्चन का आयोजन किया जाएगा। मंदिरों में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।



















