जयपुर। जयपुर में राजस्थान पुलिस का पर्यटन सहायता बल देशी-विदेशी पर्यटकों की मदद कर मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश कर रहा है। पर्यटन पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में तत्परता दिखाते हुए आमेर में बिछड़े बच्चे को उसके पिता से मिलाया, ट्रेन छूटने पर मुंबई के पर्यटकों को आगे की यात्रा में सहयोग दिया और जंतर मंतर के पास खोया पर्स तलाश कर पर्यटक को लौटाया। पर्यटकों ने वीडियो संदेश जारी कर पुलिस का आभार जताया।
आमेर में बिछड़े बेटे को पिता से मिलाया
हैदराबाद से जयपुर घूमने आए अहमद नदीमुद्दीन का बेटा आमेर में भ्रमण के दौरान भीड़ में बिछड़ गया। सूचना मिलने पर पर्यटन पुलिस की महिला कार्मिकों ने तत्परता से तलाश शुरू की और बच्चे को सकुशल उसके पिता से मिलवा दिया। बेटे के मिलने पर नदीमुद्दीन ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बहुत अच्छी सहायता मिली और वे बेहद खुश हैं।
ट्रेन छूटने पर पर्यटकों की मदद
मुंबई से आए कुछ पर्यटकों की ट्रेन छूट गई थी और दूसरी ट्रेन में भी जगह उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में पर्यटन पुलिस की कार्मिक रीतू और टीम ने उनकी मदद की। पुलिसकर्मियों ने आगे की यात्रा के लिए जरूरी संपर्क और टिकट की व्यवस्था कराने में सहयोग किया तथा उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा। पर्यटकों ने कहा कि स्थानीय जानकारी नहीं होने के कारण वे परेशान थे, लेकिन पर्यटन पुलिस की मदद उनके लिए काफी उपयोगी साबित हुई।
खोया पर्स तलाशकर लौटाया
गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे जंतर मंतर के टिकट काउंटर के पास एक पर्यटक का पर्स खो गया। पर्यटन पुलिसकर्मियों ने पर्स तलाशकर संबंधित पर्यटक को बुलाया और उसे सौंप दिया। पर्स वापस मिलने पर पर्यटक ने राजस्थान पुलिस और पर्यटन पुलिस के प्रति आभार जताया। साथ ही ऐसे पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने की अपेक्षा भी व्यक्त की।
राजस्थान पुलिस के अनुसार पर्यटन सहायता बल राज्य में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। पर्यटकों का विश्वास और संतोष टीम का मनोबल बढ़ाता है।

















