वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल: दान-पुण्य पर रहेगा जोर

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Vaishakh Amavasya, April 17: Emphasis to be placed on charity and virtuous deeds.
Vaishakh Amavasya, April 17: Emphasis to be placed on charity and virtuous deeds.

जयपुर। वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को छोटीकाशी में दान-पुण्य पर जोर रहेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु गलता तीर्थ जाकर स्नान करेंगे और जरुरतमंदों को दान करेंगे। गोविंद देवजी मंदिर में ठाकुर जी को काले रंग की नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। अन्य मंदिरों में भी ठाकुरजी की विशेष झांकी के दर्शन होंगे। गौशालाओं में गायों को गुड़-चारा खिलाया जाएगा। श्री श्याम प्रभु के मंदिरों में अमावस्या का संकीर्तन होगा।

ज्योतिषाचार्य डॉ. महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि अमावस्या तिथि 16 अप्रैल की रात 8: 11 बजे शुरू हो गई जो 17 अप्रैल की शाम 05:21 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 17 अप्रैल को अमावस्या तिथि होगी। गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी में अमावस्या को सुबह सात बजे से पितरों के निमित्त हवन किया जाएगा। रामगंज बाजार के कांवटियों का खुर्रा स्थित श्री श्याम प्राचीन मंदिर में महंत पं. लोकेश मिश्रा के सान्निध्य में अमावस्या संकीर्तन होगा।

उल्लेखनीय है कि हिंदू धर्म शास्त्रों में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन पितरों के तर्पण और पूजा से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पितरों के प्रसन्न होने पर यश और वैभव मिलता है। सनातन धर्म में वैशाख अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इसी माह में त्रेता युग की शुरुआत हुई थी।

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