जयपुर। गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों के नैतिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए गुरुवार को किरण पथ मानसरोवर स्थित श्री वेदमाता गायत्री वेदना निवारण केन्द्र में नि:शुल्क बाल संस्कार शाला का शुभारंभ किया गया।
मुख्य अतिथि समाजसेवी विपिन सिंघल, गायत्री परिवार राजस्थान के मुख्य ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल, प्रांतीय सह समन्वयक गायत्री कचोलिया, वेदना निवारण केन्द्र के व्यवस्थापक आर डर गुप्ता, प्रांतीय ट्रस्टी सतीश भाटी, प्रांतीय ट्रस्टी डॉ. प्रशांत भारद्वाज, गायत्री परिवार जयपुर उप जोन सुशील शर्मा ने वेदमाता गायत्री और गुरु सत्ता के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्जवलन किर किया।
गायत्री कचोलिया और वर्षा गुप्ता ने प्रारंभ में प्रज्ञा गीतों की प्रस्तुतियां दीं। गायत्री परिवार जयपुर उप जोन सुशील शर्मा ने इस मौके पर कहा कि आठ से दस साल के बच्चे गलत खानपान के कारण हार्ट अटैक से मर रहे हैं। फास्ट फूड और जंक फूड बच्चों के लिए जानलेवा है। बाल संस्कारशाला में बच्चों को जंक फूड और फास्ट फूड खाने से अब तक हुई मौतों को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाया जाएगा।
बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं जीवनोपयोगी संस्कारों से जोडऩे के उद्देश्य से बाल संस्कार शालाएं प्रारंभ की गई बाल संस्कारशाला में गीता ज्ञान, रामचरितमानस, गायत्री महामंत्र, प्रज्ञा गीत, योग-प्राणायाम, स्वास्थ्य संवर्धन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण, संगीत, गायन-वादन, व्यक्तित्व विकास एवं नैतिक शिक्षा जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही खेलकूद, प्रेरणादायी गतिविधियां, समूह चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित थे। पहले दिन बच्चों ने सामूहिक प्रार्थना के बाद गायत्री महामंत्र का जप किया। कार्यक्रम का संचालन केदार शर्मा ने किया।



















