सनातन संस्कृति का संदेश लेकर अयोध्या रवाना हुई मातृशक्ति

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Women set off for Ayodhya, carrying the message of Sanatan culture.
Women set off for Ayodhya, carrying the message of Sanatan culture.

जयपुर। जयपुर में शुक्रवार को भक्ति, नारी शक्ति और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद एवं लाडो अपनी बचत घर योजना महिला सहकारी समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “भव्य श्री अयोध्या धाम महिला श्रद्धा यात्रा-2026” का शुभारंभ श्री पिंजरापोल गौशाला से हुआ।

इस विशेष यात्रा का आयोजन मोनिका गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। यात्रा में जयपुर, चाकसू, निवाई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से चयनित 151 महिलाएं शामिल हुईं। श्रद्धालु महिलाओं में ममता देवी, अंतिम्बला, सुनीता, शिमला, कृष्णा और रेखा सहित अनेक मातृशक्तियां शामिल हैं, जो प्रभु श्रीराम के चरणों में विजय ध्वज अर्पित करने के लिए अयोध्या धाम रवाना हुईं।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार, गौ-पूजन और आरती के साथ हुआ। श्रद्धालुओं का ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और रामधुन के बीच स्वागत किया गया। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, सत्संग एवं प्रसादी की विशेष व्यवस्था भी की गई। पूरे आयोजन में महिलाओं में उत्साह, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव का विशेष माहौल देखने को मिला।

इस आयोजन में डॉ. अतुल गुप्ता का विशेष सहयोग रहा। आयोजन समिति ने दीपेन्द्र सिंह, रसिक जाट एवं समस्त वॉलंटियर्स और स्टाफ के योगदान की सराहना की। वहीं संगीता गौड़ तथा प्रशांत चतुर्वेदी द्वारा दिए गए सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया।

यात्रा के दौरान 16 मई को श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे और सरयू आरती में भाग लेंगे। इसके बाद 17 मई को प्रयागराज संगम स्नान एवं गोवर्धन परिक्रमा कर यात्रा जयपुर लौटेगी।

इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक पदाधिकारियों ने यात्रा को नारी सम्मान, गौ संरक्षण और राम संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। मुकेश भारद्वाज ने कहा कि यह यात्रा नारी शक्ति और भारतीय संस्कृति के जागरण का ऐतिहासिक अभियान है। वहीं अरुण कुसुंबी ने इसे संस्कार और सेवा से जुड़ा प्रेरणादायी आयोजन बताया।

मधुसूदन दाधीच ने कहा कि गौ संरक्षण और राम संस्कृति भारत की आत्मा हैं तथा यह यात्रा समाज में श्रद्धा और एकता को मजबूत करेगी। वहीं प्रकाश तिवारी तथा अमित गोयल ने यात्रा को महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।

आयोजन समिति के अनुसार यह यात्रा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर भारत एवं सांस्कृतिक गौरव के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

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