जयपुर। सनातन धर्म प्रचारक 1008 आचार्य श्री सद्गुरु स्वामी टेऊँराम जी महाराज का 140वां जन्मोत्सव पंचदिवसीय चालीहा महोत्सव के समापन के साथ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया गया। इस दौरान पंचामृत, गौदुग्ध, गंगाजल, औषधियों एवं फलों के रस से 40 मिनट तक दिव्य महाभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गीता पाठ, बधाई गीत और 140 किलो लड्डू महाप्रसादी का भोग अर्पित किया गया।
9 जून से प्रारंभ हुए 40 दिवसीय महायज्ञ अनुष्ठान का भी विधिवत समापन हुआ। प्रतिदिन 40 मिनट तक चले हवन में 2100 से अधिक दंपत्तियों ने संत-महात्माओं एवं वेदाचार्य पंडित जितेंद्र दाधीच के सान्निध्य में आहुतियां दीं। अनुष्ठान में गोमाता के शुद्ध घी एवं गो-काष्ठ का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
जन्मोत्सव पर 140 दीप प्रज्वलित किए गए तथा 140 किलो लड्डू महाप्रसादी का भोग लगाया गया। शहनाई वादन, बधाई गीत, विशाल भंडारे और धार्मिक आयोजनों में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम में 9 ब्राह्मणों एवं 7 संत-महात्माओं की उपस्थिति में वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
संतों ने सत्संग के दौरान सद्गुरु टेऊँराम महाराज की आध्यात्मिक वाणी को शिक्षा में शामिल करने की आवश्यकता बताते हुए उनके सामाजिक समरसता और विश्वबंधुत्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर एवं समाधि स्थल को आकर्षक पुष्प सज्जा से सजाया गया, जहां दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। आयोजकों के अनुसार पंचदिवसीय महोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन समिति ने बताया कि 24 जुलाई को सायंकाल स्वामी टेऊँराम छठी उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे तथा प्रसाद वितरण भी होगा।



















