जयपुर। जयपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में होने वाली पतंगबाजी के दौरान शहर में चाइनीज मांझा, प्लास्टिक से बने पक्के धागे, सिंथेटिक पदार्थ, लोहा या कांच पाउडर एवं विषैले पदार्थ से बने मांझे का निर्माण, विपणन एवं उपयोग पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी।
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून व्यवस्था) डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि चाईनीज या धातु मिश्रित मांझे के उपयोग से आमजन एवं पक्षियों को होने वाले नुकसान और उसके बिजली के तारों से छू जाने पर करंट आकर होने वाली जनहानि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि आम नागरिकों एवं पशु पक्षियों के जानमाल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक न्याय संहिता 2023 की धारा 163 के तहत पुलिस आयुक्तालय, जयपुर महानगर की सीमा में चाइनीज मांझा, प्लास्टिक, सिंथेटिक पदार्थ, लोहा या कांच पाउडर एवं विषैले पदार्थ से बने मांझे का निर्माण, विपणन एवं उपयोग पर रोक रहेगी एवं प्रातः 6 से 8 बजे तक एवं सायं 5 से 7 बजे तक की अवधि में पूर्ण रूप से सभी प्रकार की पतंगबाजी प्रतिबंधित रहेगी।
इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत अभियोग चलाया जायेेगा। यह आदेश 18 फरवरी 2025 तक या उससे पूर्व निरस्त किये जाने पर उस दिनांक तक प्रभावशील रहेगा।




















