जयपुर/कोटा। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर हमें उनसे प्रेरणा लेते हुए उनके द्वारा दिए गए संदेशों को जीवन में आत्मसात् करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी के उपदेश आज भी हमारे जीवन में काफी उपयोगी हैं। स्वामी विवेकानन्द जी ने व्यक्ति को दृढ़ संकल्प कर निडरता से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि निडर होकर लक्ष्य के प्रति समर्पित भाव से आगे बढ़े तो जीवन में सफलता हासिल होती है।
राज्यपाल बागडे सोमवार को शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल सभागार में स्वामी विवेकानन्द जी की 163वीं जयंती पर भारत विकास परिषद कोटा महानगर की ओर से आयोजित सेवा संगम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द युवाओं को कहते थे कि आत्मविश्वास के साथ जीवन में कोई भी लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। उन्होंने मानव सेवा का संदेश दिया और कहा कि गरीब और कमजोर लोगों के कल्याण के लिए कार्य करना ही ईश्वर की सबसे अच्छी सेवा है। उन्होंने कहा था कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य सिर्फ जानकारी प्राप्त करना नहीं बल्कि चरित्र निर्माण के साथ साहस, करुणा एवं एकाग्रता का भाव विकसित करना है।
बागडे ने कहा कि जीवन में सकारात्मक विचार रखना आवश्यक है क्योंकि विचार ही भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने कहा था कि हमारी वाणी इतनी सकारात्मक हो कि उससे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचे। उन्होंने विश्व बंधुत्व का भी संदेश दिया।
1893 में शिकागो में सर्वधर्म परिषद में दिए गए ऐतिहासिक भाषण में उन्होंने भारत देश के वैभव, संस्कृति, आध्यात्म एवं यहां की गौरवशाली परम्पराओं को विश्व के सम्मुख प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसे धर्म से हूं जिसमें विश्व को सार्वभौमिक सहनशीलता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने मानव मात्र के बीच दुर्भावना को समाप्त करने का संदेश दिया।
राज्यपाल ने कहा कि भारत देश यहां के लोगों की बौद्धिक एवं शारीरिक क्षमता के दम पर विश्व में नंबर एक बनेगा। उन्होंने सभी का आह्वान किया कि देश की प्रतिष्ठा विश्व में स्थापित करना हम सभी का लक्ष्य हो और जब तक या लक्ष्य हासिल नहीं हो हम सभी को निरंतर आगे बढ़ते रहना होगा।
बागडे ने इस अवसर पर सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कोटा की 31 संस्थाओं को सम्मानित किया।



















