जयपुर/सीकर। खाटू श्याम मंदिर में आयोजित फाल्गुनी मेले के दौरान इस वर्ष जिला प्रशासन की ओर से की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के चलते श्याम भक्तों को सुगम और शीघ्र दर्शन का लाभ मिल रहा है। संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और पार्किंग की व्यवस्थाओं को सुनियोजित ढंग से लागू किया है।
मेला मजिस्ट्रेट एवं दांतारामगढ़ एसडीएम मोनिका सामोर ने बताया कि रींगस से पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को लगभग 17 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा बनाए गए रूट प्लान के तहत खाटू में मंदिर परिसर तक अधिकतम 3 से 4 किलोमीटर का अतिरिक्त मार्ग ही तय करना पड़ रहा है। इस प्रकार रींगस से मंदिर तक कुल करीब 20 से 22 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद भक्तों को दर्शन हो रहे हैं।
एकादशी और द्वादशी के दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर यह दूरी 26 से 28 किलोमीटर तक हो सकती है। एसडीएम ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। प्रशासन का उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराना है।
भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए पूरे मेले को 22 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। सुरक्षा के लिए 5000 से अधिक पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि 6 ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ और यातायात की निगरानी की जा रही है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 पुलिस सहायता बूथ स्थापित किए गए हैं। वहीं 40 बीघा क्षेत्र में न्यू होल्डिंग एरिया बनाकर करीब 25 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग को चार रंग-कोडेड श्रेणियों में बांटा गया है, जिससे वाहन चालकों को आसानी हो सके। मंदिर तक पहुंचने के लिए 2000 ई-रिक्शा भी संचालित किए जा रहे हैं, जो बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से सहायक हैं।
चिकित्सा सुविधाओं के तहत 12 मेडिकल शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 325 चिकित्सा कर्मी तैनात हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए 22 एंबुलेंस चौबीसों घंटे उपलब्ध रखी गई हैं। प्रशासन का दावा है कि इन व्यवस्थाओं के चलते इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम दर्शन मिल रहे हैं।
40 लाख पानी पाउच और 15 टैंकर की व्यवस्था
कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं के लिए 40 लाख पानी के पाउच उपलब्ध कराए गए। रींगस रोड और मण्डा रोड से लेकर पूरे मेला क्षेत्र तक 15 पानी के टैंकर तैनात है ताकि किसी भी स्थान पर पेयजल की कमी न हो।
सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
स्वच्छता के लिए 10 ऑटो टिपर लगाए गए हैं। 300 सफाई कर्मचारी दिन में और 150 कर्मचारी रात में ड्यूटी कर रहे है। कचरा उठाने के लिए 20 ट्रैक्टर दिन में और 10 ट्रैक्टर रात में तैनात है।
वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 300 मोबाइल टॉयलेट और 200 स्थायी पत्थर के टॉयलेट लगाए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र सहित रींगस और मण्डा रोड पर पानी टॉयलेट और रोशनी की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। 40 अस्थायी विद्युत कनेक्शन और 30 जनरेटर लगाए गए है।
स्वास्थ्य और सहायता केंद्र
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 मेडिकल कैंप दवाइयों सहित तैयार किए गए। 10 एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। साथ ही 5 स्थानों पर पूछताछ केंद्र और एक मीडिया सेंटर भी स्थापित किया गया है।




















