जयपुर। ढूंढाड़ क्षेत्र के परम्परागत 86वें श्री प्रेमभाया महोत्सव के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय भक्ति संगीत समारोह के दूसरे दिन गुरुवार को चांदपोल बाजार स्थित जयलाल मुंशी का रास्ता स्थित युगल कुटीर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। दिन में महिला मंडलों ने भक्ति रस बरसाया। भजनों की मधुर प्रस्तुतियों से वातावरण आध्यात्मिक भाव से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ गोपीनाथ महिला मंडल की मोहनी सोनी ने गणेश वंदना से किया। राखी चतुर्वेदी ने तरह रहयो दरश दिखावो गोपीनाथ… लक्ष्मी सैनी ने ओ रे नन्द बाबा ने खिज्यो रे, बैठ कदम की डार कान्हों चीर चुरावे रे… जैसे भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम होते ही जयलाल मुंशी का रास्ता दीपावली की भांति रोशनी से जगमगा उठा। रात्रि 8 बजे भक्ति संगीत का मुख्य कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। भजन गायक दीपक शर्मा ने रिद्धि सिद्धि रा भरतार नित की लाडू खावै छै, गढ़ गणेश छै नाम बैठ्या मौज उडावै छै… भजन की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
इसके बाद राघव खंडेलवाल ने आओ जी नट नगरिया बेगा सा आओ जी, म्हारी लाज बचाओ जी… तथा हरि मोहन गोयल ने नंद बाबा रा लाडला होली का रसिया सांवरा, थांरो गोपी रूप बनास्यां आवरे-आवरे… जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में आगरा से राजू बावरा, मध्यप्रदेश के अतुल राव, गोपाल सैन, हिमांशी कंडारा सहित अन्य ख्यातिनाम भजन गायकों ने भी अपनी मधुर प्रस्तुतियों से भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित की।
इस अवसर पर श्री प्रेमभाया सरकार का आकर्षक एवं दिव्य श्रृंगार किया गया। आगंतुक भक्तों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। समिति के संरक्षक विजय किशोर शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को दिन में महिला मंडलों द्वारा भजन-गायन तथा रात्रि 8 बजे से संपूर्ण रात्रि भक्ति संगीत का आयोजन किया जाएगा।




















