जयपुर। मानसरोवर स्थित पटेल मार्ग के सामने न्यू सांगानेर रोड पर प्रजापति विहार में श्री चिन्ताहरण काले हनुमान जी मंदिर में सात दिवसीय हनुमत् जन्मोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को एकादश कुंडात्मक हनुमत् महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन खोजीजी द्वाराचार्य स्वामी रामरिछपाल देवाचार्य जी महाराज और महामंडलेश्वर मनोहरदास महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ।
मंदिर प्रवक्ता प्रियाशरण महाराज ने बताया कि यज्ञ के आचार्य पं. अश्विनी चतुर्वेदी के निर्देशन में यजमानों ने यज्ञ मंडप शुद्धि कर कलश देवता, गणेश-गौरी, दिग्पाल और वास्तु पुरुष का आह्वान किया। मुख्य यजमान चंद्रप्रकाश भाड़ेवाला ने सप्तनीक विधि-विधान से पूजन किया। अरणि मंथन से अग्नि प्रज्ज्वलित कर वेद मंत्रों के बीच आहुतियां अर्पित की गईं, जिससे यज्ञशाला का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ परिक्रमा की।
उन्होंने बताया कि महायज्ञ 2 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 8 से 12 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें वेद मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दी जाएंगी। आयोजन के तहत शनिवार से हनुमत् कथा का भी शुभारंभ हुआ। वृंदावन के पं. केशवदेव महाराज भक्तमाली जी ने व्यासपीठ से कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान हनुमान भक्ति के शिखर हैं और उन्होंने स्वयं को भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित कर दिया।
हनुमत् कथा 1 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। इसके साथ ही रविवार से भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। 29 मार्च को श्री महेश मित्र मंडल, 30 मार्च को म्हारे घरां पधारो श्याम संस्था, 31 मार्च को श्री बजरंग सत्संग मंडल और 1 अप्रैल को श्री प्रेम भाया मंडल द्वारा भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।




















