शराब पीकर मारपीट से तंग आई पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट

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जयपुर। करधनी थाना इलाके में स्थित निवारू बाईपास पर मिले एक युवक के अधजले शव (हत्याकांड) का खुलासा करते हुए पुलिस ने महज 12 घंटे में आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है । पुलिस जांच में सामने आया कि पति की रोज-रोज की शराब और मारपीट से तंग आकर पत्नी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया । साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने पर पुलिस ने महिला के विधि से संघर्षरत (नाबालिग) पुत्र को भी निरूद्ध किया है।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को निवारू के पास शिवनगर बाईपास पर एक लावारिस कट्टा पड़ा होने की सूचना मिली थी । पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो बोरे में एक व्यक्ति की लाश थी, जिसका आधा हिस्सा कट्टे से बाहर था। जहां हत्यारों ने पहचान छुपाने की नीयत से मृतक का चेहरा और कमर का हिस्सा पेट्रोल डालकर जला दिया था। जिससे शिनाख्त करना बेहद मुश्किल था । वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता और एसीपी आलोक कुमार के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर टीम को महत्वपूर्ण सुराग मिला । फुटेज में 2 अप्रैल की तड़के करीब 3 बजे एक महिला और एक किशोर साइकिल रिक्शा में कट्टा ले जाते और उसे फेंकते हुए नजर आए। पुलिस ने रिक्शा का पीछा करते हुए रिद्धि सिद्धि कॉलोनी, नांगल जैसा बोहरा में मृतक के मकान तक पहुँचने में सफलता हासिल की।

इसके बाद मृतक की पहचान 35 वर्षीय शेख साहन के रूप में हुई। जो मूलतः मालदा, पश्चिम बंगाल का निवासी था । वहीं घटना के पश्चात मृतक की पत्नी व बच्चों का जयपुर छोडकर भागने का अंदेशा होने पर बस अड्डों व रेलवे स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर सादा वर्दी में जवान तैनात किए और आरोपी पत्नी मौसमी को धर दबोचा । पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक शेख साहन अक्सर शराब के नशे में पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था।

रोज-रोज की मारपीट से परेशान होकर उसकी पत्नी मौसमी ने 2 अप्रैल की रात को शेख साहन के सिर पर हथौड़े से वार कर रस्सी से उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। जिसके बाद अपने नाबालिग बेटे के साथ मिलकर शव को प्लास्टिक के बोरे में डालकर सुनसान जगह पर फेंक दिया और उसकी पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और नाबालिग बेटे को निरुद्ध किया गया है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला मौसमी कचरा बीनने का काम करती थी और उसे डंपिंग यार्ड का पूरा आईडिया था। पति को मौके के घाट उतारने के बाद वो शव को प्लास्टिक के बोरे में डालकर साइकिल रिक्शे से डंपिंग यार्ड लेकर पहुंची।

उसे पता था यहां कोई आता जाता नहीं और शव जलने के बाद उसकी शिनाख्त नहीं हो पाएगी। लेकिन आग बीच में ही बुझ गई और अधजला शव लोगों की नजर में आ गया। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में करधनी थानाधिकारी सवाई सिंह, डीएसटी प्रभारी गणेश सैनी, खोराबीसल थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह सहित तकनीकी शाखा के राजमहेंद्र, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह और कांस्टेबल बाबूलाल की विशेष भूमिका रही ।

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