ब्लूटूथ नकल कांड: 10 साल से फरार आरोपी एसओजी के हत्थे चढ़ा

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Bluetooth Cheating Scandal: Accused Absconding for 10 Years Nabbed by SOG
Bluetooth Cheating Scandal: Accused Absconding for 10 Years Nabbed by SOG

जयपुर। कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार (जेए-टीआरए) भर्ती-2015 परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिए नकल कराने के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे एक वांछित आरोपी को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश की जा रही थी।

एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नवल किशोर (40) निवासी मंडावरी, दौसा है, जिसे शनिवार को दबिश देकर पकड़ा गया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी), अजमेर की ओर से अगस्त 2015 में कनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार के पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में संगठित गिरोह ने बाड़मेर, जालोर, जोधपुर सहित विभिन्न स्थानों से मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से अभ्यर्थियों को नकल करवाई थी।

जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर एकत्र होकर परीक्षा शुरू होने के बाद मोबाइल के जरिए प्रश्न-पत्र प्राप्त करते थे। इसके बाद विषय विशेषज्ञों से प्रश्न हल करवाकर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षा केंद्रों पर बैठे अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए जाते थे।

आरपीएससी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नवल किशोर को परीक्षा से पहले ही ब्लूटूथ किट उपलब्ध करवाई गई थी। वह ब्लूटूथ डिवाइस पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया और दोनों पारियों में संदिग्ध मॉड्यूल के जरिए नकल की। मामले के खुलासे के बाद आरपीएससी ने उसे परीक्षा और साक्षात्कार से डिबार कर दिया था।

एसओजी के अनुसार, इस प्रकरण में अब तक गिरोह के मास्टरमाइंड सहित कुल 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मोहनलाल विश्नोई (जालेली, जोधपुर), जगदीश ज्याणी (दाता, जालोर), जगदीश विश्नोई (खारा करड़ा, जालोर), ओमप्रकाश ढाका (पुर, जालोर), बंटू उर्फ जोगाराम जाट (खारा करड़ा, जालोर), पम्माराम विश्नोई (पटवारी, मालवाड़ा, जालोर), शिक्षक रामनिवास विश्नोई (भादेराना, जालोर), शिक्षक मनोहरलाल सुथार (कारोला, जालोर) और पीटीआई हरीराम विश्नोई (बूल, बाड़मेर) सहित अन्य शामिल हैं।

एसओजी अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

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