जयपुर। सवाई मानसिंह स्टेडियम में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक एटीएस, एसडीआरएफ, बम निरोधक दस्ता और पुलिस की दर्जनों गाड़ियां हूटर बजाती हुई परिसर के अंदर दाखिल हुईं। सुरक्षा एजेंसियों की इस भारी हलचल से एक बारगी स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ी, कोच और खेल परिषद के कर्मचारी सहम गए। दरअसल, यह सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखने के लिए की गई एक सघन ‘मॉक ड्रिल’ थी, जिसके तहत एजेंसियों ने पूरे साउथ ब्लॉक को खाली करवाकर करीब दो घंटे तक कड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे सुरक्षा एजेंसियां अचानक तामझाम के साथ एसएमएस स्टेडियम पहुंचीं। आते ही सबसे पहले स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया गया और वहां पुलिस का कड़ा पहरा लगा दिया गया। इसके तुरंत बाद खेल परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके कार्यालयों से बाहर निकाला गया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से ग्राउंड पर प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों और कोचों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि किसी को भी पहले से इसकी भनक नहीं थी। मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा का कड़ा घेरा तैयार किया गया।
डॉग स्क्वॉड की टीम ने स्टेडियम के संवेदनशील माने जाने वाले साउथ ब्लॉक के आसपास और चप्पे-चप्पे की गहनता से तलाशी ली। वहीं, एटीएस और बम निरोधक दस्ते के कमांडोज ने आधुनिक उपकरणों के साथ सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने विपरीत परिस्थितियों में अपनी रिस्पॉन्स टाइमिंग और कार्यप्रणाली का बारीकी से परीक्षण किया।
गौरतलब है कि जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। पूर्व में भी कई बार इस अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं, हालांकि जांच के बाद वे सभी धमकियां फर्जी साबित हुई थीं।
स्टेडियम परिसर में दो घंटे तक चले इस बड़े ऑपरेशन के बाद जब लोगों को पता चला कि यह केवल एक मॉक ड्रिल थी, तब जाकर प्रशासन और खिलाड़ियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शुक्रवार को की गई यह कार्रवाई केवल एक रूटीनमॉक ड्रिल का हिस्सा थी या फिर एजेंसियों को कोई विशेष सुरक्षा इनपुट मिला था।



















