आत्मनिर्भर धागे’: परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम, दीदियों के डिज़ाइन किए परिधानों में मॉडल्स ने किया रैंप वॉक

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'Self-Reliant Threads': A Unique Blend of Tradition and Modernity
'Self-Reliant Threads': A Unique Blend of Tradition and Modernity

जयपुर। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद द्वारा कमला पोद्दार संस्थान / एनआईएफ ग्लोबल, जयपुर के सहयोग से 1 से 6 अप्रैल तक छह दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला ‘आत्मनिर्भर धागे’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में स्वयं सहायता समूह की 35 महिलाओं ने भाग लिया। कार्यशाला का समापन सोमवार को केपीजी परिसर में आयोजित फैशन शो के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा डिजाइन किए गए परिधानों को संस्थान की मॉडल्स ने रैंप वॉक के माध्यम से प्रदर्शित किया।

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पारंपरिक और आधुनिक डिज़ाइन की तकनीकों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। केपीजी के एक्सपर्ट ट्रेनर्स और स्टूडेंट्स के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने टाई-एंड-डाई साड़ियां, नए स्टाइल के गारमेंट्स, एप्लीक वर्क वाले दुपट्टे और क्विल्टेड बैग तैयार किए। इन प्रोडक्ट्स में पारंपरिक कला और मॉडर्न डिज़ाइन का अच्छा मेल नजर आया।

सोमवार को हुआ फैशन शो इस पूरे प्रशिक्षण का खास आकर्षण रहा। इसमें हर प्रोडक्ट महिलाओं के बेहतर स्किल, नई सोच और सस्टेनेबल डिज़ाइन की समझ को दिखाता नजर आया। इस मौके पर राजीविका की प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रीति सिंह, कमला पोद्दार संस्थान/एनआईएफ ग्लोबल जयपुर के डायरेक्टर अभिषेक पोद्दार और रोमा पोद्दार, तथा राजीविका की स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर (नॉन-फार्म लाइवलीहुड) डॉ. रमणिका कौर मौजूद रहीं। सभी अतिथियों ने महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और उनके काम की सराहना की।

गौरतलब है कि यह पहल राजीविका के ‘उन्नति सेल’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत ब्रांडिंग, पैकेजिंग, डिज़ाइन और मार्केट से जुड़ने जैसे पहलुओं पर काम किया जा रहा है, ताकि महिलाएं अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचा सकें। राजीविका का यह प्रयास महिलाओं को आगे बढ़ने व अपनी पहचान बनाने के लिए अग्रसर कर रहा है साथ ही बाजार से जोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

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