30 देशों के 230 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार आईजीजेएस पहुंचे

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Over 230 international buyers from 30 countries have arrived at IGJS.
Over 230 international buyers from 30 countries have arrived at IGJS.

जयपुर। बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच जयपुर में आयोजित इंटरनेशनल जेम एंड ज्वैलरी शो (आईजीजेएस) 2026 में 30 देशों से 230 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी दर्ज की गई है। यह आयोजन 9 से 11 अप्रैल तक जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 85 कंपनियां 110 बूथ्स के माध्यम से अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं।

अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, यूरोप, लैटिन अमेरिका, ओशिनिया, मिडिल ईस्ट एवं नॉर्थ अफ्रीका (MENA), रूस और CIS देशों से आए खरीदारों की उपस्थिति से भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग के प्रति वैश्विक विश्वास मजबूत होता नजर आ रहा है।

आयोजन का उद्घाटन सीमा शुल्क निवारक विभाग, नई दिल्ली के मुख्य आयुक्त संजय गुप्ता ने किया। इस दौरान जयपुर के सीमा शुल्क आयुक्त आर.के. चंदन, जीजेईपीसी उपाध्यक्ष शौनक पारिख, क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेंद्र गर्ग, संयोजक विजय मंगुकिया और कार्यकारी निदेशक सब्यसाची राय सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।

मुख्य आयुक्त संजय गुप्ता ने कहा कि आईजीजेएस जैसे मंच “ब्रांड इंडिया” को वैश्विक स्तर पर मजबूत करते हैं और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों में विश्वास बढ़ाते हैं। वहीं आर.के. चंदन ने सीमा शुल्क विभाग को व्यापार सुगमता में सहायक बताते हुए उद्योग के विकास में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई।

जीजेईपीसी उपाध्यक्ष शौनक पारिख ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद बड़ी संख्या में खरीदारों की भागीदारी भारत को विश्वसनीय सोर्सिंग पार्टनर के रूप में स्थापित करती है। योगेंद्र गर्ग ने जयपुर को रत्न एवं आभूषण उद्योग का एकीकृत केंद्र बताते हुए इसकी वैश्विक अहमियत रेखांकित की।

ब्रिटेन के ‘हाउस ऑफ बेनी’ के सीईओ साइमन बेनी ने भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते के तहत शून्य टैरिफ को उद्योग के लिए लाभकारी बताते हुए भारतीय कारीगरी की सराहना की। वहीं दक्षिण अफ्रीका की डिजाइनर एस्मेरी डू प्लोय ने भारतीय डिजाइन और शिल्प कौशल को नवाचार से भरपूर बताया।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रत्न एवं आभूषण निर्यात 28.7 अरब डॉलर रहा, जो कुल निर्यात का करीब 7% है। आईजीजेएस में हीरे, सोना, चांदी, रंगीन रत्न और लैब ग्रोन डायमंड सहित विभिन्न श्रेणियों में सोर्सिंग के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के दौर में आईजीजेएस जैसे आयोजन नए व्यापारिक अवसरों और निर्यात वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं।

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