गायत्री महामंत्र जप से ही संभव सकारात्मक चिंतन व वैश्विक शांति: पाटीदार

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Positive Thinking and Global Peace Are Possible Only Through the Chanting of the Gayatri Mahamantra: Patidar
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जयपुर। आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में निशुल्क पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।

मंदिर के सेवा अधिकारी मानस गोस्वामी ने ठाकुर श्री राधा-गोविंद देव, वेदमाता गायत्री, गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य, भगवती देवी शर्मा, यज्ञ भगवान तथा विचार क्रांति के प्रतीक दीप प्रज्वलित कर महायज्ञ का शुभारंभ किया।

महायज्ञ की पांच पारियों में 250 से अधिक श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना के साथ आहुतियां दीं। वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रार्थनाएं भी की गईं। आचार्य पीठ से गायत्री कचोलिया, कामिनी शर्मा एवं नीतू शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन सम्पन्न कराया तथा उपस्थित जनों को सकारात्मक चिंतन और आध्यात्मिक जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।

गायत्री शक्तिपीठ ब्रह्मपुरी के सह-व्यवस्थापक मणिशंकर पाटीदार ने कहा कि वर्तमान वैश्विक अशांति का मूल कारण वैचारिक और मानसिक प्रदूषण है। इसका समाधान विवेक है, जो गायत्री महामंत्र के नियमित जप से प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि गायत्री साधना से 24 मर्म बिंदु सक्रिय होते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और चिंतन शुद्ध बनता है।

इस अवसर पर तीन जन्मदिन संस्कार एवं एक पुंसवन संस्कार भी सम्पन्न हुए। गायत्री चेतना केंद्र, जनता कॉलोनी द्वारा लगाए गए साहित्य स्टॉल पर श्रद्धालुओं को लागत मूल्य पर साहित्य उपलब्ध कराया गया तथा ‘प्रज्ञा अभियान’ पाक्षिक भेंट की गई।

कार्यक्रम के दौरान पांच श्रद्धालुओं ने अपने घरों पर यज्ञ कराने की सहमति दी। मुरलीपुरा, झोटवाड़ा, मानसरोवर और सीकर रोड क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने श्रमदान कर आयोजन को सफल बनाया। अंत में सभी श्रद्धालुओं से गायत्री महामंत्र का नियमित जप करने का आह्वान किया गया। जयघोष और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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