जयपुर की सड़कों पर उमड़ा नारी शक्ति का जनसैलाब: नारी शक्ति वंदन के विरोध पर विपक्ष को घेरा

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Student attacks classmate with a knife over a minor dispute at school.
Student attacks classmate with a knife over a minor dispute at school.

जयपुर। राजधानी जयपुर में सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से आयोजित “जन आक्रोश महिला पदयात्रा” के जरिए भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन किया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को लेकर विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हजारों महिलाओं ने भाजपा कार्यालय से शहीद स्मारक तक पदयात्रा निकाली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर इस पदयात्रा को रवाना किया।

विपक्ष ने 17 अप्रैल को बनाया काला पृष्ठ: मुख्यमंत्री

पदयात्रा से पूर्व आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “17 अप्रैल एक ऐतिहासिक दिन बनने वाला था, लेकिन विपक्ष ने अपनी संकीर्ण मानसिकता से इसे काला पृष्ठ बना दिया।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 70 साल तक शासन करने वालों ने महिलाओं को केवल वोट बैंक समझा।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को डर है कि यदि सामान्य परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका ‘परिवारवाद’ और वर्चस्व समाप्त हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए धरातल पर काम हुआ है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी और जनधन खातों जैसे कार्यक्रमों को महिला उत्थान का आधार बताया।

हक छीनने वालों को चुनाव में मिलेगा जवाब: दीया कुमारी

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने पर कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करना देश की आधी आबादी के साथ अन्याय है। जागरूक महिलाएं इस अपमान को याद रखेंगी और आने वाले चुनावों में इसका करारा जवाब देंगी। दीया कुमारी ने स्वयं भी पदयात्रा में शामिल होकर कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।

कांग्रेसियों का महिलाओं के प्रति दोगला व्यवहार,चरित्र हुआ उजागर:सांसद मंजू शर्मा

जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” विधेयक केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि भारत की आधी आबादी का पूरा हक है। महिलाओं के इस हक को कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने दबाने का काम किया है। इससे कांग्रेसियों का महिलाओं के प्रति दोगला व्यवहार, चरित्र उजागर हो गया। संसद में यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता,तो देश की नारीशक्ति और सशक्त होती… देश का लोकतंत्र और सशक्त होता।

जन आक्रोश महिला पदयात्रा से पूर्व आयोजित सम्मेलन में मंच संचालित करते हुए महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा और महिलाओं के सम्मान के लिए संघर्ष किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम महिलाओं और बहनों को विश्वास दिलाया है कि उनका हक वे दिलाकर रहेंगे। राखी राठौड़ ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वालों ने आज यह साबित कर दिया है कि उनकी कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।

दशकों तक जिस बिल को ‘अटकाया, लटकाया और भटकाया’ गया, उसे जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी धरातल पर उतारने का संकल्प ले चुके हैं, तब विपक्ष का दोहरा चेहरा फिर से बेनकाब हो गया है। महिलाओं को सिर्फ ‘वोट बैंक’ समझने वाली ताकतों को अब यह जान लेना चाहिए कि देश की नारी जाग चुकी है और वह अपने सम्मान तथा राजनीतिक भागीदारी के रास्ते में आने वाले हर रोड़े का हिसाब लेगी।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री मंजू बाघमार, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति मिर्धा, अल्का मूदंडा, सरिता गैना, प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता स्टेफी चौहान, जिला प्रमुख रमा चौपड़ा, महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा ने भी आक्रोश सम्मेलन को संबोधित किया और विपक्ष पर जमकर प्रहार किया।

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