जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी रविवार को प्रदेशभर में शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते विद्यार्थियों के चेहरों पर संतोष और मुस्कान नजर आई। बड़ी संख्या में शामिल रिपीटर विद्यार्थियों ने भी पेपर को वर्ष 2025 के मुकाबले आसान बताया।
एनसीईआरटी पैटर्न पर आधारित रहा पेपर
परीक्षार्थियों के अनुसार इस बार का प्रश्न पत्र पूरी तरह एनसीईआरटी पैटर्न पर आधारित था। हालांकि विषयवार कठिनाई को लेकर अलग-अलग राय सामने आई। प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से कोटा आकर तैयारी कर रहे छात्र आदित्यराज ने बताया कि फिजिक्स का भाग कठिन लगा, जबकि केमिस्ट्री अपेक्षाकृत आसान रही।
बायोलॉजी (बॉटनी व जूलॉजी) का पेपर अधिकांश छात्रों को लंबा लगा। परीक्षार्थी नंदिनी डिडवानिया ने बताया कि उन्होंने करीब 650 अंकों के प्रश्न हल किए। वहीं राहुल सिंह का कहना था कि कोचिंग संस्थानों के टेस्ट पेपर, मुख्य परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन रहे हैं।
कट-ऑफ 600 के आसपास रहने का अनुमान
720 अंकों की इस परीक्षा में विद्यार्थियों ने सरकारी एमबीबीएस सीट के लिए कट-ऑफ करीब 600 अंक रहने का अनुमान जताया है। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की भी सराहना की गई। विद्यार्थियों ने बताया कि इनविजीलेटर द्वारा परीक्षा पूर्व सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली गई थीं, जिससे परीक्षा के दौरान कोई व्यवधान नहीं हुआ।
केंद्रों के बाहर अभिभावकों की भीड़
शाम 5 बजे परीक्षा समाप्त होते ही केंद्रों के बाहर पहले से मौजूद अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ी सुरक्षा के बीच अपने बच्चों का इंतजार कर रहे अभिभावक उन्हें मुस्कुराते देख राहत महसूस करते नजर आए और परीक्षा के स्तर को लेकर जानकारी लेते दिखे।
सुरक्षा का कड़ा घेरा, 611 केंद्रों पर परीक्षा
गौरतलब है कि राज्य के 27 जिलों में बनाए गए 611 परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। जयपुर सहित कोटा और सीकर को संवेदनशील श्रेणी में रखते हुए अतिरिक्त निगरानी की गई। फ्लाइंग स्क्वाड और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा गया। वहीं नकल और पेपर लीक की आशंकाओं को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर दायरे में फोटोकॉपी दुकानें, साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्र पूरी तरह बंद रखे गए।
विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं
विद्यार्थियों की सुविधा के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा दो विशेष अनारक्षित ट्रेनें चलाई गईं। वहीं भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर छाया और ठंडे पेयजल की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने नजदीकी अस्पतालों को अलर्ट पर रखते हुए एंबुलेंस और ओआरएस के पर्याप्त स्टॉक की व्यवस्था भी सुनिश्चित की, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।



















