जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।
महासंघ के पदाधिकारी कुलदीप यादव, देवेंद्र सिंह नरूका और अजयवीर सिंह ने संयुक्त बयान में बताया कि आरजीएचएस योजना को निजी बीमा कंपनी को सौंपने के बजाय पूर्व की भांति सरकार के माध्यम से संचालित रखा जाए। साथ ही रोके गए सरेंडर लीव का भुगतान, पदोन्नति में दो वर्ष की शिथिलता तथा संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग भी उठाई गई है। महासंघ ने अपने लंबित 25 सूत्रीय मांगपत्र पर सरकार से जल्द वार्ता कर समाधान निकालने की अपील की है।
महासंघ ने आंदोलन के लिए तीन चरणों की रणनीति बनाई है। प्रथम चरण में 20 मई को प्रदेशभर में जिला कलेक्टरों, विभागाध्यक्षों एवं कार्यालय प्रमुखों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।
इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर 25 से 30 मई तक कर्मचारी प्रतिदिन दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगे। वहीं तीसरे चरण में पूरे प्रदेश में ‘कर्मचारी जागृति यात्रा’ निकालकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में गजेंद्र सिंह राठौड़, कुलदीप यादव, देवेंद्र सिंह नरूका, अजयवीर सिंह, ओमप्रकाश चौधरी, बहादुर सिंह, शशि शर्मा, महेश धाकड़, प्रशांत शर्मा और मोहित गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।



















