जयपुर। श्री अमरापुर स्थान में सद्गुरु स्वामी टेऊँराम महाराज के 140वें प्राकट्य दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित चालिहा महोत्सव के तहत शनिवार को 140 जल सुराइयों की भव्य झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने झांकी के बीच सद्गुरु टेऊँराम बाबा के दिव्य दर्शन किए।
इस अवसर पर पंचदिवसीय ‘सद्गुरु टेऊँराम जीवन चरितामृत कथा’ का शुभारंभ भी हुआ। वेदाचार्य पंडित जितेन्द्र दाधीच के सान्निध्य में हवन-यज्ञ आयोजित किया गया। कथा वाचक गोपाल शरण शास्त्री ने बताया कि सद्गुरु टेऊँराम जी का जन्म 6 जुलाई 1887 को सिंधु नदी तट स्थित खंडू गांव में हुआ था और 12 वर्ष की आयु में उन्होंने गुरु साईं आसुराम जी से दीक्षा ली थी।
कथा का वाचन 8 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 5 से 6.30 बजे होगा। वहीं 5 जुलाई को बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। आयोजकों के अनुसार 15 से 19 जुलाई तक 140वां जन्मोत्सव धार्मिक अनुष्ठानों, सत्संग और सेवा कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान संतों ने ‘श्री प्रेम प्रकाश ग्रंथ’ का वाचन किया तथा श्रद्धालुओं को ढोढा-चटनी प्रसाद वितरित किया गया।



















