जयपुर। अधिकमास के अवसर पर श्री पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंडल एवं श्री वल्लभ पुष्टिमार्गीय मंदिर प्रबंध समिति के तत्वावधान में सूरजपोल स्थित मोहनबाड़ी के श्री गोवर्धन नाथ जी मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत एकादश एवं मूल श्लोक परायण महोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। बड़ौदा के कथा व्यास गिरिराज जी शास्त्री ने भागवत के विभिन्न प्रसंगों का रसपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा का श्रवण जीवन की दिशा बदल देता है।
कथा प्रारंभ से पूर्व मुख्य यजमान बांगड़ परिवार ने श्रीमद्भागवत की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। कथा में शास्त्री जी ने कहा कि प्रभु का सुमिरन जीवन में शांति और आनंद का मार्ग प्रशस्त करता है। श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात आनंद स्वरूप है, जिसका श्रवण करने से मनुष्य के पाप दूर होते हैं और जीवन का कल्याण होता है।
उन्होंने समुद्र मंथन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हर शुभ कार्य की शुरुआत में बाधाएं आती हैं, लेकिन प्रभु पर विश्वास और समर्पण से सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं। कथा में श्रीकृष्ण की लीलाओं और भागवत के महत्व का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
इस अवसर पर अनाराम धाम वैदिक पीठाधीश्वर पूज्य वेदमूर्ति गुरुजी महाराज (महेंमदाबाद, गुजरात) ने भी कथा श्रवण किया। कार्यक्रम में नारायण लाल अग्रवाल, लक्ष्मण मांधना, ओमप्रकाश मांधना, सरोज चावला, संजय बांगड़, भरत मालपानी, प्रमोद कोटेवाला सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
मंडल अध्यक्ष गोविंद मालपानी, मंत्री पीढ़ी बांगड़ एवं कोषाध्यक्ष सोहनलाल अग्रवाल टुकड़े वाले ने बताया कि महोत्सव के तहत प्रतिदिन विभिन्न मनोरथों और झांकियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनके दर्शन श्रद्धालु शाम 7 से रात 9 बजे तक कर सकेंगे।



















