जयपुर। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को जयपुर स्थित अरण्य भवन में वन विभाग के साथ वेदांता ग्रुप की सामाजिक प्रभाव वाली संस्था अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की फ्लैगशिप एनिमल वेलफेयर पहल द एनिमल केयर ऑर्गेनाइजेशन (टाको ) ने सरिस्का टाइगर रिजर्व में अग्निवेश अग्रवाल नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर (एनआईसी) स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
शाइन फाउंडेशन सारिस्का में 1.04 करोड़ रुपये की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण करने एमओयू किया , जिसका उपयोग वन विभाग द्वारा सम्मेलन, बैठकें और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने के लिए किया जाएगा।
इस अवसर पर पर वन मंत्री राजस्थान संजय शर्मा और प्रिया अग्रवाल हेब्बर, नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, वेदांता लिमिटेड, चेयरपर्सन, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड एवं एंकर की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर वन विभाग और वेदांता के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सरिस्का टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर को वन्यजीव संरक्षण जागरूकता, पर्यावरण शिक्षा और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित स्थान के रूप में कल्पना की गई है। यह केंद्र आगंतुकों और स्थानीय समुदायों को जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी स्थिरता तथा वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों की सुरक्षा के महत्व को गहराई से समझने में मदद करेगा।
संजय शर्मा और प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के लिए 8 निगरानी वाहनों को भी रवाना किया। ये वाहन 24 घंटे निगरानी, फील्ड टीमों की गतिशीलता में सुधार, गश्त को मजबूत करने और वन्यजीव सुरक्षा के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को बढ़ाने में सहायक होंगे।
वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि ये पहल टाको के वन्यजीव संरक्षण पर बढ़ते फोकस को और मजबूत करती हैं, जो भारत भर के संरक्षित क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारियों और मैदानी स्तर के समर्थन के माध्यम से हो रही है। मिशन वनरक्षा के तहत टाको ने काजीरंगा नेशनल पार्क, जोरहाट फॉरेस्ट डिवीजन, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और रणथम्भौर टाइगर रिजर्व जैसे प्रमुख वन्यजीव क्षेत्रों को निगरानी वाहन, निगरानी उपकरण, वन दुर्गाओं के लिए आवास इकाइयां और एंटी-पोचिंग शिविरों का निर्माण कर वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को मजबूत किया है।



















