जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुक्रवार को टोंक रोड स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला में अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के तत्वावधान में एक पेड़—एक गौमाता अभियान का शुभारंभ किया गया। गौशाला परिसर में बड़, नीम, पीपल सहित अन्य किस्मों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में गौसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया तथा गौमाता के नाम पर पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ अतुल गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन दोनों ही राष्ट्रीय आवश्यकता बन चुके हैं। बढ़ता प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन मानव जीवन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं।
दूसरी ओर भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला मानी जाने वाली गौमाता के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी समाज को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि एक पेड़—एक गौमाता अभियान का उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं, बल्कि समाज में ऐसी चेतना विकसित करना है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति और गौसेवा दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश की प्रमुख गौशाला में मौजूद गायों की संख्या के बराबर पौधे लगाए जाएंगे और उनके संरक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी। एक तरह के गौशालाओं को हरित वन की तरह विकसित किया जाएगा। वृक्ष और गौमाता दोनों ही जीवनदायिनी हैं। वृक्ष जहां मानव को प्राणवायु, छाया और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करते हैं, वहीं गौमाता कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और जैविक जीवनशैली को मजबूती देती हैं। इसलिए दोनों का संरक्षण एक-दूसरे का पूरक है।
राजपूत समाज के प्रमुख समाजसेवी प्रहलाद सिंह पालड़ी ने कहा कि आगामी 17 जून को महाराणा प्रताप जयंती तक विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।



















