गौ माता के सम्मान के लिए बीस से अधिक युवाओं ने कराया मुंडन

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More than twenty youths had their heads shaved in honor of Mother Cow.
More than twenty youths had their heads shaved in honor of Mother Cow.

जयपुर। आजकल के अधिकांश युवा जहां अपने बालों को संवारने, आकर्षक बनाने और उनके रखरखाव पर विशेष ध्यान देता है, अनेक प्रकार के उत्पादों का उपयोग करता है तथा उन्हें अपने व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है, वहीं, ऐसे समय में 20 से अधिक युवाओं ने गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए अपने सुंदर केशों का त्याग कर समाज के सामने समर्पण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है।

इन युवाओं ने मुंडन संस्कार के माध्यम से यह संकल्प लिया कि आगामी दो माह तक उनके चिंतन, मनन और पुरुषार्थ का केन्द्र केवल गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान रहेगा।

गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर देशभर में चलाए जा रहे गौ सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण की सफलता के लिए सांगानेर स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला के सुरभि भवन में आयोजित तीन दिवसीय गौ कथा के दूसरे दिन यह प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। कामधेनु गौ भक्त महिला मंडल, जयपुर के तत्वावधान में आयोजित कथा में व्यासपीठ से गौ, पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार के संस्थापक ग्वाल संत गोपाल महाराज ने गौमाता के महात्म्य का श्रवण कराया।

इस अवसर पर आयोजित विशेष मुंडन संस्कार ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। गौ सम्मान आह्वान अभियान से जुड़े ये युवा बिहार, त्रिपुरा, मेघालय, मणिपुर, असम, नागालैंड, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों के लिए रवाना हुए। आगामी दो माह तक ये गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर गौ संरक्षण, गौ संवर्धन एवं गौ सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाएंगे तथा 27 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए जनसमर्थन जुटाएंगे।

संत गोपाल महाराज ने कहा कि कुछ लोगों के मन में यह भ्रम उत्पन्न हो सकता है कि मुंडन किसी प्रकार के विरोध प्रदर्शन का प्रतीक है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल भिन्न है। भारतीय संस्कृति में मुंडन एक संस्कार है जो त्याग, शुद्धि, समर्पण और नए जीवन संकल्प का प्रतीक माना गया है। यह संस्कार व्यक्ति को अपने अहंकार और व्यक्तिगत पहचान से ऊपर उठकर किसी महान उद्देश्य के लिए स्वयं को समर्पित करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति विशेष उद्देश्य से मुंडन कराता है तो वह कुछ समय के लिए अपने व्यक्तिगत परिचयों और अहं भाव को पीछे छोड़ देता है। वह यह नहीं सोचता कि वह व्यापारी है, विद्यार्थी है, किसी का पुत्र, भाई या पति है। उसके मन में केवल अपने लक्ष्य और कर्तव्य का भाव रहता है। यही भावना लेकर ये युवा दो माह के लिए गौ माता की सेवा और सम्मान के राष्ट्रीय अभियान में जुटने जा रहे हैं।

गौ कथा का आयोजन 13 जून को भी सायं 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक होगा। कथा में प्रदेशभर के संत-महात्माओं का सान्निध्य एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। संतजन श्रद्धालुओं को गौ संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र जागरण का संदेश देंगे तथा अधिकाधिक लोगों को गौ सम्मान आह्वान अभियान से जुडऩे के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्त, संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

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