महाराणा प्रताप जयंती पर जयपुर में गूंजा शौर्य और राष्ट्रभक्ति का संदेश

0
116

जयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती बुधवार को राजधानी जयपुर में श्रद्धा, उत्साह और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाई गई। सांगानेर स्थित महाराणा प्रताप सर्किल पर घुमंतू जाति उत्थान न्यास एवं हिन्दू शरणार्थी सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्य अतिथि कर्नल देव आनंद लोहामरोड ने महाराणा प्रताप के जीवन को संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय संस्कृति, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के जीवंत प्रतीक हैं। समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इसी अवसर पर श्री तंवरावती राजपूत सभा ने 18 जून को झोटवाड़ा स्थित यू.एस. पैराडाइज में हल्दीघाटी युद्ध के अमर बलिदानी राजा रामशाह तंवर एवं उनके वीर पुत्रों की स्मृति में ‘हल्दीघाटी शौर्य स्मृति समारोह’ आयोजित करने की घोषणा की। कार्यक्रम में इतिहास चिंतक डॉ. ओमेन्द्र सिंह रत्नु मुख्य वक्ता होंगे।

वहीं अखिल भारतीय गौशाला सहयोग परिषद एवं प्राकृतिक कृषि आदान परिषद के संयुक्त तत्वावधान में टोंक रोड स्थित वैदिक पादप औषधि केन्द्र में आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, गौसंरक्षण और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया गया। परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयोजक डॉ. अतुल गुप्ता ने राजस्थान को प्राकृतिक एवं जैविक कृषि राज्य घोषित करने की मांग दोहराई।

कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, किसानों को विशेष सहायता उपलब्ध कराने तथा गौ-आधारित कृषि को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। वहीं इन कार्यक्रमों का समापन राष्ट्रगान, ‘भारत माता की जय’ और ‘महाराणा प्रताप अमर रहें’ के जयघोष के साथ हुआ। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित इन आयोजनों ने उनके शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर विरासत को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here