जयपुर। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों के बीच जयपुर पुलिस का एक संवेदनशील और ईमानदार चेहरा शुक्रवार को सामने आया। डीसीपी दक्षिण कार्यालय में पदस्थापित एक महिला कांस्टेबल ने सड़क पर मिला 13 हजार रुपये नकद से भरा पर्स उसकी वास्तविक मालकिन तक पहुंचाकर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है।
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि डीसीपी दक्षिण कार्यालय में कार्यरत महिला कांस्टेबल आरती जब अपने घर से ड्यूटी के लिए कार्यालय आ रही थीं, तब रास्ते में उन्हें सड़क पर एक लावारिस पर्स पड़ा मिला। संदेह होने पर उन्होंने पर्स को खोलकर देखा तो उसमें 13 हजार रुपये नकद रखे हुए थे।
इसके अलावा पर्स में कुछ पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज भी मौजूद थे। महिला कांस्टेबल आरती ने तत्काल अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पर्स को सुरक्षित रखा और कार्यालय पहुंचकर इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद पर्स में मिले पहचान पत्रों के आधार पर उसकी वास्तविक मालकिन का पता लगाने की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस अधिकारियों ने यह जिम्मेदारी अपराध शाखा के कांस्टेबल संख्या 9639 मोहन लाल को सौंपी। कांस्टेबल मोहन लाल ने तत्परता दिखाते हुए पर्स में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर जांच की और उसकी वास्तविक मालकिन श्रीमती रूही खातून की पहचान कर उनसे संपर्क स्थापित किया।
महिला की पहचान सुनिश्चित होने के बाद शुक्रवार को उन्हें पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) कार्यालय बुलाया गया। यहां अधिकारियों की मौजूदगी में महिला कांस्टेबल आरती ने रूही खातून को उनका गुम हुआ पर्स और उसमें रखी पूरी 13 हजार रुपये की नकदी सुरक्षित सुपुर्द कर दी।
अपनी खोई हुई अमानत और मेहनत की कमाई वापस पाकर रूही खातून भावुक हो उठीं। उन्होंने जयपुर पुलिस की ईमानदारी, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए महिला कांस्टेबल आरती, कांस्टेबल मोहन लाल तथा पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।



















