जयपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध ठिकाना मंदिर श्री गोविन्द देवजी में भक्ति, योग और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में यहाँ भव्य ‘योग-यज्ञ महोत्सव’ का आयोजन किया गया।
रिमझिम बारिश और ‘राधे-राधे’ के गूंजते जयकारों के बीच, यज्ञ कुंडों से उठती दिव्य सुंगध और प्रज्ज्वलित अग्नि के मध्य बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक योग, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के महंत अंजन कुमार गोस्वामी महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग और यज्ञ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, जो मनुष्य के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गायत्री परिवार राजस्थान की सह-समन्वयक गायत्री कचोलिया ने साधकों को भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और उद्गीथ सहित विभिन्न प्राणायामों का अभ्यास कराया। वहीं, गायत्री तोमर ने विशिष्ट औषधीय हवन सामग्री से यज्ञ संपन्न कराया। उन्होंने बताया कि यज्ञीय वातावरण में योगाभ्यास करने से इसके शारीरिक और स्वास्थ्यवर्धक लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं।
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण शांतिकुंज हरिद्वार स्थित ‘देव संस्कृति विश्वविद्यालय’ के योग विभाग की प्रशिक्षिकाओं मुस्कान बिष्ट, वंदना शर्मा, केया जाडे और अंजलि गुप्ता द्वारा किया गया योग प्रदर्शन रहा। उन्होंने अत्यंत कठिन और आकर्षक योगासनों का ऐसा संतुलित प्रदर्शन किया कि वहां उपस्थित पूरा जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। इसके पश्चात, मंदिर के सत्संग भवन में योगाचार्य डॉ. उमेश शर्मा ने योग के वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन, संतुलित मन और सकारात्मक सोच का असली आधार बताया। कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की कामना के साथ सामूहिक प्रार्थना की गई।
मानसरोवर के वेदना निवारण केंद्र में भी गूंजा योग का संदेश
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मानसरोवर स्थित वेदना निवारण केंद्र में भी एक विशेष योग एवं प्राणायाम शिविर का आयोजन हुआ। यहाँ योगाचार्य रामेश्वर सिंह और योग शिक्षिका दीक्षा जामवाल के निर्देशन में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने योगाभ्यास किया। केंद्र के सहायक व्यवस्थापक केदार शर्मा ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा संचालित सप्तक्रांति आंदोलन के अंतर्गत स्वास्थ्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत इस केंद्र पर प्रतिदिन सुबह 6 बजे निशुल्क योग प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि लोग स्वस्थ जीवन जी सकें।
जयपुर के मंदिरों और धार्मिक केंद्रों में रहा योगोत्सव का उत्साह
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुलाबी नगरी के विभिन्न आराध्य देवों के मंदिरों, धार्मिक संस्थाओं और आध्यात्मिक केंद्रों में गजब का उत्साह देखा गया। श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी के दर्शन करने के साथ-साथ योगाभ्यास भी किया। शहर के अनेक मंदिरों में संतों, महंतों, पुजारियों और धर्माचार्यों ने विशेष पूजा-अर्चना के बाद आम जनता के साथ योग व प्राणायाम कर पूरे समाज को निरोगी और स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।



















