साठ से अधिक मुकदमों वाला कुख्यात हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

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जयपुर। चित्रकूट थाना पुलिस और जिला विशेष टीम (डीएसटी) पश्चिम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर लग्जरी चौपहिया वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सवाई माधोपुर के बाटोदा थाने के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर एवं साठ से अधिक मुकदमों में वांछित वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह (38) निवासी सवाई माधोपुर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी की गई एक स्कॉर्पियो क्लासिक और वारदात में प्रयुक्त चोरी की टाटा अल्ट्रोज कार बरामद की गई है। फिलहाल आरोपित से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दीपावली के बाद जेल से छूटकर बाहर आया था। इसके बाद उसका संपर्क दौसा निवासी शातिर वाहन चोर अमोल मीणा उर्फ अनमोल उर्फ मनहोरी लाल से हुआ। दोनों ने मिलकर राजस्थान और दिल्ली में लग्जरी वाहन चोरी का नेटवर्क खड़ा कर लिया।

आरोपियों का तरीका बेहद शातिर था। वे पहले एक वाहन चोरी करते और फिर उसी चोरी के वाहन का उपयोग दूसरी वारदातों में करते थे। पूछताछ में सामने आया कि 2 जून को सांगानेर क्षेत्र से टाटा अल्ट्रोज कार चोरी की गई थी, जिसका उपयोग बाद में अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में किया गया। इसके बाद दिल्ली से एक टाटा हैरियर और एक स्कॉर्पियो चोरी कर राजस्थान लाए गए। 8 जून को चित्रकूट क्षेत्र से स्कॉर्पियो क्लासिक चोरी की गई, जबकि 10 जून को भीलवाड़ा से एक अन्य स्कॉर्पियो चोरी करना भी आरोपी ने स्वीकार किया है।

थानाधिकारी प्रभु सिंह के अनुसार कुंजीलाल गुर्जर के खिलाफ वर्ष 2005 से 2025 तक चोरी, नकबजनी, वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट सहित कुल 63 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ सवाई माधोपुर, दौसा, टोंक, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा समेत जयपुर शहर के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। जयपुर के जवाहर नगर, मालवीय नगर, शिप्रापथ, प्रताप नगर, मुहाना, एयरपोर्ट, बजाज नगर, लालकोठी और अन्य थानों में भी उसके खिलाफ चार्जशीट पेश की जा चुकी है।

मुख्य आरोपी के सहयोगी अमोल मीणा उर्फ अनमोल मीणा उर्फ मनहोरी लाल निवासी सलेमपुर, दौसा की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद वाहन चोरी के कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी प्रभु सिंह, डीएसटी प्रभारी गणेश, उपनिरीक्षक प्रियंका, सहायक उपनिरीक्षक सोभाग सिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश शर्मा, भरत तथा कांस्टेबल बीरबल, राकेश, मुकुट बिहारी, सुरेश, दीपचंद, श्रीराम और सुनील कुमार की विशेष भूमिका रही।

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