
जयपुर। माणक चौक थाना पुलिस ने वर्ष 2018 के चर्चित राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में कार्रवाई करते हुए 10-10 हजार रुपए के तीन इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बैंक का तत्कालीन मैनेजर भी शामिल है। तीनों आरोपी पिछले करीब आठ वर्षों से फरार चल रहे थे।
डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि वर्ष 2018 में माणक चौक थाने में राजलक्ष्मी महिला अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया था कि बैंक के तत्कालीन पदाधिकारियों, कर्मचारियों, ऋण धारकों, गारंटरों, वैल्यूअर्स और अधिवक्ताओं ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेजों तथा विवादित संपत्तियों के आधार पर ऋण स्वीकृत करवाकर बैंक को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया।
मामले में सहकारिता विभाग की जांच के बाद बैंक के अधिकृत ऋण प्रबंधक की ओर से माणक चौक थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच के दौरान कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि कुछ आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए माणकचौक थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और लगातार निगरानी के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में बैंक के तत्कालीन मैनेजर मदन कट्टा (78), अजय शर्मा (49) तथा उसका पुत्र सपन शर्मा शामिल हैं। तीनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बैंक घोटाले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए ऋण स्वीकृत कर करोड़ों रुपए की राशि का गबन किया गया था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले में उनकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही घोटाले से जुड़े अन्य व्यक्तियों और तथ्यों की भी पड़ताल जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है तथा आगामी दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

















