जयपुर। नहर के गणेशजी मंदिर में बुधवार को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार (वैदिक उपनयन संस्कार महोत्सव) का आयोजन किया गया। सुबह दस विधि स्नान, प्रायश्चित संकल्प, मंडल अर्चन, ग्रह शांति हवन के बाद वेद मंत्रोच्चार के साथ उपनयन संस्कार कराया गया। इसके बाद वेदारंभ की क्रिया हुई। गुरुकुल के अध्यक्ष आचार्य योगेश पारीक ने उपनयन संस्कार का पौराणिक एवं वैज्ञानिक महत्व बताया।
पं. महेश कुमार शर्मा ने बालकों को वेदाध्ययन, संध्योपासना एवं धर्माचरण की प्रेरणा दी। नहर गणेश जी मंदिर के महंत पं. जय कुमार शर्मा ने कहा कि उपनयन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बालकों के जीवन में ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और वैदिक जीवन-पद्धति की शुभ शुरुआत है।
युवाचार्य मानव शर्मा ने बटुकों को उपनयन धारण करने और परिवर्तन विधि बताई । कार्यक्रम में बालनाथ महाराज, चतुर्वेदाचार्य डॉ आनंद पुरोहित, डॉ कमल चोटिया, अचार्य राजकुमार, महंत चेतराम का सानिध्य प्राप्त हुआ।



















