जयपुर। गुरुदेव श्री रविशंकर की प्रेरणा से संचालित श्री वेलबीइंग ने राजस्थान में अपने पहले आयुर्वेदिक वेलबीइंग केंद्र की शुरुआत मानसरोवर स्थित एसएफएस में की। यह देश में श्री वेलबीइंग का 19वां और राजस्थान का पहला केंद्र है। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ सत्संग एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
केंद्र का उद्घाटन विधायक गोपाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम में भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के कुलपति डॉ. प्रमोद योले, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट युगांतर शर्मा, आरयूएचएस के प्रो वाइस चांसलर डॉ. सुधांशु कक्कड़, डीन डॉ. सोनाली कक्कड़, शाइनिंग स्टार्स के संस्थापक शुभम जैन तथा तरुण शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
समारोह में अतिथियों का सम्मान किया गया तथा श्री वेलबीइंग की सेवाओं और अवधारणा की जानकारी दी गई। केंद्र पर योग्य आयुर्वेद चिकित्सकों की देखरेख में नाड़ी परीक्षण, पंचकर्म, पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार, नेत्र तेजस, ऑस्टियोपैथी सहित विभिन्न समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां तनाव, अनिद्रा, पाचन संबंधी समस्याओं, महिलाओं के स्वास्थ्य, जोड़ों व रीढ़ की तकलीफों तथा जीवन शैली जनित रोगों के लिए व्यक्तिगत आयुर्वेदिक उपचार और परामर्श दिया जाएगा।

मुख्य अतिथि गोपाल शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की नहीं, बल्कि रोगों की रोकथाम की भी प्रभावी पद्धति है। उन्होंने नाड़ी परीक्षण को शरीर के असंतुलन की समय रहते पहचान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि ऐसी पहल निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
श्री वेलबीइंग के निदेशक अक्षय जैन ने कहा कि राजस्थान का आयुर्वेद से गहरा संबंध रहा है और जयपुर में पहला केंद्र शुरू करना संस्थान के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य चिकित्सक-निर्देशित, व्यक्तिगत और प्रामाणिक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

उन्होंने बताया कि भारत के अलावा श्री श्री वेलबीइंग अमेरिका, यूरोप, एशिया और अफ्रीका सहित सात देशों में भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।



















